चीन की जगह लेकर सुपर शिक्षा देश बन सकता है भारत

2017-06-18 19:02:55

चीन की जगह लेकर सुपर शिक्षा देश बन सकता है भारत

इधर के सालों में अंतर्राष्ट्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों में भारतीय विश्वविद्यालयों का स्तर ऊंचा होता जा रहा है। 15 मार्च को जारी एशियाई विश्वविद्यालयों की सूची से जाहिर है कि हालांकि भारतीय विश्वविद्यालयों की सबसे अच्छी श्रेणी 27वें स्थान पर रही, फिर भी कई विश्वविद्यालयों ने इस सूची में जगह बनाई, जिन्होंने लोगों पर गहरी छाप छोड़ी है। 


गत वर्ष एशिया के सबसे श्रेष्ठ 200 विश्वविद्यालयों में 16 भारतीय हैं। लेकिन इस साल के एशिया के सब से श्रेष्ठ 300 विश्वविद्यालयों में 33 भारतीय शिक्षण संस्थान हैं। भारत जापान व चीन के बाद इस सूची में सबसे अधिक शामिल होने वाला देश बन चुका है। 


अमेरिकी पत्रिका फोर्ब्स की वेबसाइट ने हाल में एक लेख जारी कर कहा कि अगला सुपर शिक्षा देश एशिया में होगा। लेकिन चीन, सिंगापुर, जापान व दक्षिण कोरिया ने पश्चिमी शिक्षा संस्था की जगह लेने की तैयारी नहीं की है। जबकि भारत पश्चिमी शिक्षा संस्था की जगह लेने का सबसे अच्छा देश है। 


लेख में कहा गया कि हालांकि एशिया में पहले 20 श्रेष्ठ विश्वविद्यालय सिंगापुर, चीन की मुख्यभूमि, जापान, दक्षिण कोरिया और चीन के हांगकांग में हैं, लेकिन भारत के विश्वविद्यालय इसमें शामिल होने की कोशिश कर रहे हैं। 


निसंदेह 1947 भारत में स्वतंत्रता पाने के बाद भारत का अर्थतंत्र मंदी में रहा, लेकिन इधर के सालों में इस स्थिति में भारी बदलाव आया है। पिछले 20 सालों में भारत में औसत आर्थिक वृद्धि दर 7 प्रतिशत रही है और 2014 में वृद्धि दर चीन के भी अधिक थी। भारत का कुल आर्थिक पैमाना विश्व के सातवें स्थान पर रहा। भारत में बड़े पैमाने वाली युवा आबादी भी है। अनुमान है कि दस सालों के बाद भारत विश्व की तीसरी बड़ी आर्थिक इकाई बन सकेगा। 2030 में भारत की आबादी भी चीन के पार कर विश्व के प्रथम स्थान पर पहुंचेगी। 

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