ब्रिक्स देशों की शासन व्यवस्था संगोष्ठी में चीनी अनुभवों पर गर्म चर्चा

2017-08-24 11:06:09

ब्रिक्स देशों की शासन व्यवस्था संगोष्ठी हाल में चीन के फूच्येन प्रांत के छ्वानचो शहर में उद्घाटित हुई। चीन, रूस, भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और तंजानिया, इथियोपिया व मैक्सिको आदि विकासशील देशों के प्रतिनिधियों ने संगोष्ठी में हिस्सा लिया।

ब्रिक्स देशों की शासन व्यवस्था संगोष्ठी में चीनी अनुभवों पर गर्म चर्चा

केंद्रीय प्रचार मंत्रालय के उपमंत्री ह्वांग खुङमिंग

केंद्रीय प्रचार मंत्रालय के उपमंत्री ह्वांग खुङमिंग ने भाषण देते समय कहा कि इस संगोष्ठी का आयोजन राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा ब्रिक्स देशों के बीच शासन अनुभवों के आदान-प्रदान को मजबूत करने के सुझाव और ब्रिक्स देशों के नेताओं द्वारा प्राप्त महत्वपूर्ण सहमतियों को लागू करने का ठोस कदम  है। संगोष्ठी की थीम है खुला, सहनशील, आपसी लाभ व दोनों जीत, और एक साथ मानव समुदाय का निर्माण। जो वर्तमान में ब्रिक्स देशों के बीच वार्ता को मजबूत करने, सहयोग गहन करने की इच्छा व प्रतीक्षा से मेल खाता है। उपस्थित प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे पर अनुभव व विचार साझा किए।

ब्रिक्स देशों की शासन व्यवस्था संगोष्ठी में चीनी अनुभवों पर गर्म चर्चा

अमेरिकी कुअन कोष के अध्यक्ष और चीनी मामले के विशेषज्ञ रोपत लॉरंस खुअन

चीन के पुनरुत्थान व शक्तिशाली होने के साथ प्रशासन व्यवस्था में चीन के अनुभव ज़्यादा से ज़्यादा देशों द्वारा अपनाए जा रहे हैं। अमेरिकी कुअन कोष के अध्यक्ष और चीनी मामले के विशेषज्ञ रोपत लॉरंस खुअन ने नये युग में चीनी प्रशासन व्यवस्था की व्याख्यान की। उन का मानना है कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा पेश किया गया प्रशासन फ़ार्मूला ब्रिक्स देशों और अन्य देशों के लिए मिसाल बन सकता है। उनके अनुसार,चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने विश्व के समक्ष वचन दिया कि चीन और सक्रिय रूप से वैश्विक प्रशासन में भाग लेगा और प्रबल कदम उठाकर विश्व शांति व समृद्धि के लिए योगदान देगा। जब दुनिया वैश्विक प्रशासन सिस्टम पर विचार कर रही है, चीनी अनुभव महत्वपूर्ण योगदान बन सकते हैं।

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