चीन की ऊर्जा नीति अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा चार्टर संधि के सिद्धांत से मेल खाता है

2017-12-13 15:27:02

चीन की ऊर्जा नीति अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा चार्टर संधि के सिद्धांत से मेल खाता है

अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा चार्टर संगठन के महासचिव उर्बन रुस्नक ने हाल में सीआरआई के पत्रकार के साथ साक्षात्कार में कहा कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 19वीं राष्ट्रीय कांग्रेस ने चीन द्वारा हरित विकास और स्वच्छ ऊर्जा का विकास करने के वचनों को दोहराना, चीन के नये आधुनिकीकरण की विचारधारा से मेल खाता है। उन्होंने कहा कि चीन की ऊर्जा नीति अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा चार्टर संधि के सिद्धांत से मेल खाता है, जो विश्व ऊर्जा सुधार को आगे बढ़ाने के लिए लाभदायक है। 

अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा चार्टर पश्चिम यूरोप, पूर्वी यूरोप और पूर्व के सोवियत संघ क्षेत्र के देशों और कनाडा, जापान व औस्ट्रेलिया आदि 52 सदस्य देशों से गठित एक सरकारी अंतर्राष्ट्रीय संगठन है। जो ऊर्जा संविधान संधि के आधार पर विभिन्न सदस्य देशों के बीच संबंधित ऊर्जा समस्या का अच्छी तरह निपटारा करने की गाइड करता है और एक खुलेपन, समानता और अपेक्षाकृत स्थिरता होने वाले अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा बाजार की स्थापना करता है। इस संगठन का स्थायी सचिवालय बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में स्थित है। संगठन के महासचिव उर्बन रुस्नक ने पत्रकार से कहा कि वह चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 19वीं कांग्रेस पर बड़ी नज़र रखते हैं। इस सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा चार्टर से संबंधित ऊर्जा नीति सहित चीनी आर्थिक विकास के गाइड सिद्धांतों पर स्पष्ट किया। उर्बन रुस्नक के मुताबिक,

मैं तीन विषयों पर नजर रखता हूं। पहला, एक पट्टी एक मार्ग का पहल। हम ने देखा कि चीन अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, विशेषकर ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को मजबूत कर रहा है। जबकि ऊर्जा चार्टर संगठन इन में एक अहम गठित भाग है। दूसरा, हमने देखा कि चीन वायु गुणवत्ता को बड़ा महत्व देता है और जन-जीवन स्तर का सुधार करने में लगा है। इसलिए हम इस पर ध्यान देंगे कि चीन किस तरह घरेलू ऊर्जा के बंदोबस्त कर सकेगा। तीसरा, हमने यह भी देखा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व में चीन वैश्विक ऊर्जा बंदोबस्त की प्रक्रिया में ज्यादा से ज्यादा उल्लेखनीय भूमिका अदा करेगा।

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