चीन व भारत के इंटरनेट उद्यमियों के सहयोग में साझी जीत

2017-12-28 07:15:02

चीन व भारत के इंटरनेट उद्यमियों के सहयोग में साझी जीत

इस साल के अगस्त माह में चीनी विद्वान वंग शछ्याओ भारत के एक व्यापारी अकादमी में पढ़ने के लिए गये। उन्होंने चीन व भारत के इंटरनेट उद्यमियों के सहयोग पर अध्ययन करके एक लेख लिखा। लेख में यह लिखा हैः

हर एक बार मैं सहपाठियों के साथ व्यापार सपने की चर्चा करता, तो भारतीय सहपाठी उनका मज़ाक कर प्रोत्साहित करते थेः तुम अवश्य ही दूसरे मा युन बन सकोगे।

यह सचमुच एक बड़ा मज़ाक था लेकिन इसने एक निर्विवाद तथ्य भी बताया है। अलीबाबा के संस्थापक मा युन और मी फ़ोन के संस्थापक लेई च्वन भारतीय युवाओं के आदर्श बन चुके हैं। कई भारतीय युवाओं ने मा युन की  स्टीव जॉब्स और बेजोस के साथ तुलना की है।

भारतीय इंटरनेट डेटा ट्रैक्सन  के आंकड़े बताते हैं कि 2016 के जनवरी से 2017 के नवम्बर माह तक भारत में चीनी उद्यमियों के पूंजी निवेश की कुल रकम 2 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर गयी। यह मात्रा पिछले10 साल में भारत में कुल चीनी पूंजी निवेश से भी ज़्यादा है। जबकि इसमें भारत में चीनी इंटरनेट उद्यमियों का निवेश सबसे ज़्यादा है। पूंजी निवेश मुख्यतः मोबाइल व्यवसाय, ई-कॉमर्स, मोबाइल भुगतान और शेयर यात्री आदि क्षेत्रों में केंद्रित हैं।

2017 की तीसरी तिमाही में चीन के मी फ़ोन पहली बार सैमसंग और एपल आदि परम्परागत वैज्ञानिक व तकनीक दिग्गजों को पछाड़कर भारत में बिक्री के पहले स्थान पर आया। मी फ़ोन ने अपनी सस्ते दाम, अच्छी गुणवत्ता की श्रेष्ठता से परिपक्व सप्लाई चेन सिस्टम और स्थानीय बिक्री के सहारे भारी उपलब्धियां हासिल कीं। मी फ़ोन के अलावा चीन का विवो, ओपो, ह्वावेई और लेनोवो फ़ोन भी भारतीयों के पसंदीदा मोबाइल फ़ोन ब्रांड हैं। 2016 की चौथी तिमाही में भारतीय स्मार्ट फ़ोन की बाजार बिक्री के पहले पांच सेलफ़ोन ब्रांडों में चार ब्रांड चीनी कंपनियों के फ़ोन हैं, जो इतिहास में एक रिकॉर्ड है।

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