पृथ्वी रक्षक पुरस्कार विजेता वांग वनप्याओ की कहानी

2017-12-28 16:49:02

पृथ्वी रक्षक पुरस्कार विजेता वांग वनप्याओ की कहानी

पिछले कई सालों में चीन के खुपूछी रेगिस्तान निपटारा परियोजना के जिम्मेदार, ईली संसाधन ग्रुप के सीईओ वांग वनप्याओ ने अपने दल के साथ प्रयास कर कई हजार वर्ग किलोमीटर रेगिस्तान को हरे घास के मैदान में बदलने में सफलता प्राप्त की। 5 दिसम्बर को केनिया की राजधानी नैरोबी में वांग वनप्याओ को संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यालय ने वैश्विक पर्यावरण संरक्षण के सबसे बड़े पुरस्कार पृथ्वी रक्षक अवार्डस के लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। लोगों को रेगिस्तान निपटारा के अनुभव बताते समय वांग वनप्याओ ने कहा कि रेगिस्तान का निपटारा करने का काम अपना आजीवन कार्य है। वे स्वच्छ जल और हरे पहाड़ को स्वर्ण और चाँदनी पर्वत मानते हैं और उस वाक्य को अपने हमेशा के मूल्य की खोज मानते हैं। सुनिए संबंधित एक रिपोर्ट।

चीन के भीतरी मंगोलियाई स्वायत्त क्षेत्र में स्थित खुपूछी रेगिस्तान चीन का सातवां बड़ा रेगिस्तान है, जिसका कुल क्षेत्रफल 18 हजार 60 लाख वर्ग किलोमीटर है। पिछले 30 सालों में वांग वनप्याओ के नेतृत्व में उनके दल ने पारिस्थितिकी चमत्कार की रचना की। अब खुपूछी का एक तिहाई रेगिस्तान हरा घास का मैदान बन चुका है, जहां पेड़ों का क्षेत्रफल 90 लाख से ज्यादा मून पहुंच चुका है।

तीसरे संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सम्मेलन के दौरान वांग वनप्याओ ने पृथ्वी रक्षक पुरस्कार हासिल करते हुए कहा, 30 साल पहले मैं और मेरे दल ने रेगिस्तान का निपटारा करने का मैराथन कार्य शुरू किया। 30 साल से हम शुरूआत को कभी नहीं भूलते हैं। हमने बड़ी मेहनत से कई जोखिमों व मुश्किलों को दूर किया जो आम लोगों की कल्पना के बाहर था। हमने कई हजार वर्ग किलोमीटर के रेगिस्तान को हरे घास के मैदान में बदलने में सफलता प्राप्त की है।

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