विश्व की सुरक्षा रैकिंग में चीन का पहला स्थान

2018-03-07 11:34:02

विश्व की सुरक्षा रैकिंग में चीन का पहला स्थान

आजकल ज्यादा से ज्यादा लोगों ने चीन को विश्व के सबसे सुरक्षित देशों में से पहले नंबर का देश माना है। आम तौर पर विश्व सुरक्षा रैकिंग देश के औसत पुलिस उपकरणों की मात्राएं और सार्वजनिक सुरक्षा के खर्च से संबंधित है। चीन कैसे कम खर्चे में उच्च स्थिरता को हासिल कर सकता है? क्या चीन के पास इसका कोई गुप्त हथियार है ? 

2017 में चीन फिर एक बार विश्व में सबसे कम अपराध दर वाले देशों में से एक बन गया है। वर्ष 2012 की तुलना में चीन में अति गंभीर आपराधिक केसों की संख्या में 51.8 प्रतिशत की कटौती आयी है। सामाजिक सुरक्षा के प्रति 95.55 प्रतिशत जनता को सुरक्षा महसूस हुई है। चीनी जन सार्वजनिक सुरक्षा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर वांग तावेई ने कहा कि चीनी समाज की सुरक्षा सूचकांक विश्व के समुन्नत स्थान पर रहा है। उन के मुताबिक, विश्व में अब सामाजिक सार्वजनिक सुरक्षा का आंकलन मापदंड की दो किस्में हैं, यानी सुरक्षा के प्रति लोगों का एहसास और समाज में आपराधिक केसों की संख्या। इन क्षेत्रों में चीन की सूचकांक विश्व के अन्य देशों की तुलना में अच्छी है। यह सर्वविदित है।

अनेक विदेशी विशेषज्ञ वांग तावेई के विचार से सहमत हैं। उनका कहना है कि तेज़ आर्थिक विकास, सामाजिक स्थिरता चीन द्वारा विश्व को दिये गये दो चमत्कार हैं। उल्लेखनीय बात यह है कि चीन में पुलिसकर्मियों की संख्या विश्व के औसत स्तर से बहुत कम है, साथ ही सार्वजनिक सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता की रक्षा करने में खर्चा भी अन्य देशों की तुलना में कम है।

71 वर्षीय मैडम वांग पेइचिंग के छ्याओयांग ज़िले के ल्योलीथ्वन क्षेत्र में एक स्वयं सार्वजनिक सुरक्षा कर्मी हैं। कुछ समय पहले मैडम वांग ने कम्युनिटी में गश्त करते समय पता लगाया कि एक युवक रोज़ काम करने के लिए बाहर नहीं जाता है, लेकिन अक्सर कम्युनिटी में आता जाता है। और तो और रोज़ यह लड़का कई टेक-अवे खाने की बुकिंग करता है। इसलिए मैडम वांग ने पुलिस थाने जाकर इस के बारे में बताया। जांच पड़ताल करने के बाद पुलिसकर्मियों ने सफलतापूर्ण रूप से इस युवक और 6 लड़कियों के एक अपराधी दल को पकड़ा।

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