दक्षिण एशियाई रास्ते का निर्माण तिब्बत के लिए अति महत्वपूर्ण

2018-03-21 14:09:02

दक्षिण एशियाई रास्ते का निर्माण तिब्बत के लिए अति महत्वपूर्ण

अभी अभी संपन्न एनपीसी और सीपीपीसीसी के दो सत्रों में तिब्बत स्वायत प्रदेश की सरकार के उपाध्यक्ष ग्यारे लोसांग तेनजिन ने सीआरआई के पत्रकार के साथ साक्षात्कार में तिब्बत के विकास का परिचय देकर खास तौर पर तिब्बत द्वारा दक्षिण एशियाई रास्ते के निर्माण के बारे में जानकारी दी।

2015 में चीन की केंद्र सरकार की छठी तिब्बती कार्य बैठक में स्पष्ट रूप से तिब्बत को दक्षिण एशिया के लिए खोलने के चीन का अहम रास्ता तय किया। साथ ही तिब्बत एक पट्टी एक मार्ग पहल में नेपाल आदि पड़ोसी देशों के उन्नमुख अहम हब भी है। तो दक्षिण एशियाई रास्ते का निर्माण किस तरह चल रहा है। तिब्बत स्वायत प्रदेश की सरकार के उपाध्यक्ष ग्यारे लोसांग तेनजिन ने यह कहा,"अगस्त 2015 में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने केंद्र सरकार की छठी तिब्बती कार्य बैठक की अध्यक्षता की और स्पष्ट रूप से तिब्बत को देश का महत्वपूर्ण सुरक्षा बैरियर, पारिस्थितिकी सुरक्षा बैरियर, रणनीतिक संसाधन भंडार, चीनी राष्ट्र की खास संस्कृति का संरक्षण स्थल और विश्व पर्यटन क्षेत्र तय किया। साथ ही तिब्बत को दक्षिण एशिया के लिए खोलने वाला अहम रास्ता भी माना गया।"

सीपीपीसीसी के सदस्य, तिब्बत स्वायत प्रदेश के सामाजिक विज्ञान अकादमी की दक्षिण एशियाई अनुसंधान संस्थान की उप प्रधान प्येनपा राम का मानना है कि दक्षिण एशियाई रास्ते का निर्माण एक पट्टी एक मार्ग पहल के दक्षिण एशियाई क्षेत्र में आगे बढ़ाने, तिब्बत के आर्थिक व सामाजिक विकास को आगे बढ़ावा देने और तिब्बत की सीमा सुरक्षा व स्थिरता की रक्षा करने के लिए अति महत्वपूर्ण है। उन के मुताबिक,"दक्षिण एशियाई रास्ते के निर्माण को पूरा करने के बाद तिब्बत एक पट्टी एक मार्ग पहल के दक्षिण एशियाई क्षेत्रों को प्रसारित करने की अच्छी  जगह बन सकेगा। तिब्बत के पड़ोसी प्रांत युन्नान में बांग्लादेश-चीन-भारत-म्यामार आर्थिक कॉरिडोर का निर्माण भी होगा। यदि दक्षिण एशियाई मार्ग इस आर्थिक कॉरिडोर से जुड़ा, तो उद्यमियों और विभिन्न आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संपर्क को मजबूत किया जा सकेगा।"

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