छिंगहाई तिब्बत पठार

2018-04-25 08:33:01

छिंगहाई तिब्बत पठार

छिंगहाई तिब्बत पठार विश्व का सब से ऊंचा और चीन का सब से बड़ा पठार है, जो मुख्यतः दक्षिण पश्चिम चीन के तिब्बत स्वायत्त प्रदेश, स छ्वान प्रांत के पश्चिमी भाग, युनान प्रांत के कुछ क्षेत्रों, छिंगहाई प्रांत, शिनच्यांग वेवुर स्वायत्त प्रदेश के दक्षिणी भाग और कानसू प्रांत के कुछ क्षेत्रों में फैला है। पूरे छिंगहाई तिब्बत पठार में भूटान, नेपाल, भारत, पाकिस्तान, अफ़गानिस्तान, ताजिकस्तान व किर्गिस्तान के कुछ भाग भी शामिल हैं, जिस का कुल क्षेत्रफल करीब 30 लाख वर्ग किलोमीटर है और समुद्र-सतह से उस की औसत ऊंचाई 4000 से 5000 मीटर है। वह“विश्व की छत”और“विश्व का तीसरा ध्रुव”के नाम से मशहूर है।

छिंगहाई तिब्बत पठार पर विशाल पहाड़-मालाओं से आधुनिक हिमनदी क्षेत्र का विकास हुआ। वहां एशिया की अनेक बड़ी नदियों का उद्गम है। हिमनदी का पानी यांगत्सी नदी, यालुंग ज़ान्बो नदी, नू च्यांग नदी, लांग छांग नदी, सिंधु नदी आदि प्रमुख नदियों का स्रोत है। छिंगहाई तिब्बत पठार पर अनगिनत तालाब व झीलें हैं, जो अधिकांश नमकीन पानी की हैं।

समुद्र-सतह से अधिक ऊंचा होने की वजह से छिंगहाई तिब्बत पठार पर वायु सूखा है और ऑक्सिजन कम होता है। वहां सूर्य विकरण अपेक्षाकृत तेज़ है जबकि तापमान अपेक्षाकृत नीचा है। छिंगहाई तिब्बत पठार खुद भी पृथ्वी के जलवायु पर बड़ा प्रभाव डालता है। प्राचीन जीव विज्ञान व भूतत्व विज्ञान के सर्वेक्षण से पता चला है कि छिंगहाई तिब्बत पठार के उभाड़ से वैश्विक जलवायु में भारी परिवर्तन आया था।

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