भूकंप और मनुष्य

2018-05-23 10:47:08

भूकंप और मनुष्य

12 मई को चीनी जनता के लिए एक ख़ास दिन है। दस साल पहले से हर बार 12 मई की चर्चा करते, चीनी लोगों के मन में झटका लगता है। 10 साल से पहले 12 मई को चीन के सछ्वान प्रांत की वनछ्वान काउंटी में रिक्टर पैमाने पर 8 की तीव्रता वाला भूकंप आया था। आधे चीन में लोगों को भूकंप का अहसास हुआ था। उस भूकंप में करीब 70 हज़ार लोग मारे गये थे, 17 हज़ार से ज्यादा लोग गायब हुए थे, और अन्य 37 हज़ार से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

भूकंप और मनुष्य

भूकंप के सामने मनुष्य हमेशा ही छोटा रहा है और प्रकृति की शक्ति को कभी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है। विकासशील देश होने के नाते देश का निर्माण करने के साथ प्राकृतिक आपदा से रोकथाम की क्षमता भी उन्नत किये जाने की आवश्यक्ता है।

भारत में भी अकसर भूकंप आते रहते हैं। यह सर्वविदित है कि विश्व में सात महाभूमि खंड हैं। यानी प्रशांत महाभूमि खंड, भारत-ऑस्ट्रेलियाई महाभूमि खंड, यूरेशियन महाभूमि खंड, उत्तरी अमेरिका महाभूमि खंड, दक्षिण अमेरिका महाभूमि खंड, अफ्रीकी महाभूमि खंड और अंटार्कटिका महाभूमि खंड। इनके बीच सीमांत क्षेत्र विश्व में बड़े भूकंप के केंद्रित क्षेत्र भी हैं। भारत और चीन का क्षेत्रफल अपेक्षाकृत बड़ा है। इन दोनों देशों के कुछ भाग इन सीमांत क्षेत्रों में रहे हैं, इसलिए दोनों देशों में अक्सर भूकंप आते हैं। इतिहास में भारत में कई बार बड़े भूकंप आये हैं। अब हम एक साथ इन बड़े भूकंपों का सिंहावलोकन करें।

भूकंप और मनुष्य

1993 के 30 सितम्बर को पश्चिम भारत के महाराष्ट्र प्रदेश की लातूर काउंटी के आसपास रिक्टर पर 6.4 का जबरदस्त भूकंप आया था, जिससे 21 हज़ार से ज्यादा लोग मारे गये थे, 10 हज़ार से अधिक लोग घायल हुए थे। 50 से ज्यादा गांव नष्ट हुए थे। अनुमान है कि और 12 हज़ार लोग खंडहर में डूब गये थे। यह पिछले 50 वर्षों में भारत में आया एक ऐसा भूकंप था, जिसमें सबसे ज्यादा लोग मारे गये थे।

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