55 घंटों से अधिक समय के लिए काम करने से महिलाएं आसानी से अवसाद से पीड़ित हो सकती हैं

2019-03-21 10:07:00

55 घंटों से अधिक समय के लिए काम करने से महिलाएं आसानी से अवसाद से पीड़ित हो सकती हैं

ब्रिटिश मीडिया की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक नये अनुसंधान से पता चला है कि हफ्ते में 35-40 घंटों के लिए काम करने वाली महिलाओं की तुलना में हफ्ते में 55 घंटों से अधिक समय के लिए काम करने वाली महिलाएं और आसानी से अवसाद से पीड़ित हो सकती हैं।

 रिपोर्ट के मुताबिक अनुसंधानकर्ता ने कहा कि समान स्थिति में पुरुष और स्वस्थ हो सकते हैं। उनका मानना है कि संभवतः कारण यह है कि महिलाओं को काम के अलावा घर का काम भी करना पड़ता है, जिससे महिलाओं को दुगुना बोझ सहना पड़ता है।

अध्ययन से यह भी पता लगा है कि अधिकांश या सभी हफ्तांत में काम करने वाले पुरुष या महिलाएं और आसानी से अवसाद से पीड़ित हो सकते हैं। जिसका अनुपात अलग अलग तौर पर 3.4 प्रतिशत और 4.6 प्रतिशत है।

 इस अध्ययन के प्रमुख लेखक लंदन विश्वविद्यालय के डॉक्टर गिल वेस्टन ने कहा कि आम तौर पर महिलाएं पुरुषों से और आसानी से इसकी चपेट में आ सकती हैं। और तो और अपेक्षाकृत बड़ी उम्र, कम आय, धूम्रपान करने वालों और श्रमिक आसानी से इस रोग से पीड़ित होती हैं।

 लेकिन वेस्टन ने इस पर भी जोर दिया कि अध्ययन यह साबित नहीं कर सकता है कि लम्बे समय के काम करने से लोग मंदी में फंस सकेंगे। बहुत लंबे समय तक काम करना असुरक्षा और काम पर अवास्तविक अपेक्षाओं से संबंधित हो सकता है। ये जोखिम कारक हैं जो मानसिक स्वास्थ्य को खराब करते हैं।

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