ल्हासा शहर का तिब्बती शैली वाला होटल

2019-07-04 06:06:00

चीन में सुधार और खुलेपन की नीति लागू होने के पिछले बीसेक सालों में भारी परिवर्तन आये हैं और देश के कोने-कोने में चहल-पहल और खुशहाली नज़र आने लगी है। चीन के तिब्बत स्वायत प्रदेश की राजधानी ल्हासा भी इस का अपवाद नहीं है। समुद्र की सतह से 3600 मीटर की ऊँचाई पर स्थित ल्हासा शहर अपने स्वच्छ नीले आकाश, कलकल करती ल्हासा नदी और लाल व सफ़ेद रंग वाले लामा मंदिर से देशी-विदेशी पर्यटकों को बरबस आकर्षित करता है और शहर में इधर-उधर बिखरे तिब्बती शैली वाले छोटे होटल भी पर्यटकों को लुभाते हैं। विभिन्न देशों से आने वाले पर्यटकों को इन छोटे होटलों से खास लगाव है। वे इन होटलों के सरल संस्थापनों की परवाह न कर उनमें बड़े आराम से रहते हैं और उनके बहुत शांत व स्वतंत्र वातावरण का मज़ा लेते हैं। तो आइएं, चलें ल्हासा के तिब्बती शैली वाले बानाक शोल होटल को देखने।

तिब्बत की राजधानी ल्हासा में साल भर धूप खिली रहती है। ल्हासा के प्रसिद्ध चुलाखांग लामा मठ की बगल में स्थित पाकोर सड़क से पूर्वी पेइचिंग नामक सड़क स्थित है। वह ल्हासा की सब से रौनकदार सड़कों में से एक है। चुलाखांग मठ के बगल में होने की वजह से यह आम लोगों और बौद्ध अनुयाइयों से खचाखच भरी रहती है। तिब्बती शैली वाला बानाक शोल होटल इसी सड़क के पास खड़ा है। तिब्बती शैली वाले दूसरे होटलों की तरह इस छोटे होटल का दरवाज़ा भी बड़ा नहीं है और विभिन्न रंगों वाली छोटी-बड़ी दुकानों के पीछे से झांकता मालूम देता है। मुख्य फाटक के ऊपर लगा बोर्ड, जिस पर चीनी, तिब्बती और अंग्रेज़ी भाषाओं में होटल का नाम लिखा है, अत्यन्त आकर्षिक है।

वर्तमान में ल्हासा में बानाक शोल जैसे तिब्बती शैली वाले अनेक होटल अधिकाधिक देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। कुछ छोटे होटल विशेष तौर पर युवाओं के लिए खुले हैं। इन होटलों में आप को घी वाली तिब्बती चाय पीने को ही नहीं मिलती, आयरलैंड की शुद्ध कॉफ़ी भी मिलती है। शायद चीन व पश्चिम की परम्पराओं के मेल से ही तिब्बती शैली वाले ये छोटे होटल दिन ब दिन अधिकाधिक पर्यटकों को अपनी ओऱ खींचने लगे हैं। ज्यादातर पर्यटक तारांकित होटलों की तुलना में तिब्बती शैली वाले इन छोटे होटलों में ठहरना ज्यादा पसंद करते हैं।

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