चीन, रूस और भारत के विदेश मंत्रियों की 15वीं भेंटवार्ता में वांग यी उपस्थित

2017-12-12 16:46:05

चीन, रूस और भारत के विदेश मंत्रियों की 15वीं भेंटवार्ता में वांग यी उपस्थित

11 दिसंबर को चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने दिल्ली में चीन, रूस और भारत के विदेश मंत्रियों के बीच 15वीं भेंटवार्ता में भाग लिया।

वांग यी ने कहा कि चीन, रूस और भारत के बीच सहयोग की व्यवस्था की स्थापना विश्व बहुध्रुवीय दिशा और अंतर्राष्ट्रीय संबंधेम के जनतंत्रीकरण की स्थिति के अनुरूप है, तीनों देशों और इन क्षेत्रों यहां तक की विश्व के हित के अनुकूल भी है। पिछले 15 वर्षों में तीनों पक्षों की समान कोशिशों में चीन, रूस और भारत के बीच सहयोग की सशक्त जीवन शक्ति और बड़ी निहित शक्ति दिखाई गई। वर्तमान दुनिया के विकास और बदलाव की स्थिति में है, जिसमें अस्थिरता और अनिश्चितता अधिक हो रही है। तीनों विकास कर रहे नवोदित बाजार देशों के रूप में चीन, रूस और भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्थिति के बदलाव के लिए सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए, ताकि वर्तमान विश्व स्थिरता और निश्चितता की शक्ति बन सके।

वांग यी ने कहा कि चीन, रूस और भारत को अतंर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय महत्वपूर्ण मामलों में रणनीतिक ताल-मेल और संपर्क को प्राथमिकता देनी चाहिए, दूसरे देशों के सामने और अधिक समान आवाज़ देनी चाहिए। यह अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को और अधिक निष्पक्ष और उचित दिशा से आगे बढ़ने के अनुकूल है। तीनों पक्षों को अंतर्राष्ट्रीय मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए संयुक्त राष्ट्र का समर्थन करना चाहिए, राजनीतिक रूप से कठिनाइयों का समाधान करना चाहिए।

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि वर्तमान जटिल अंतर्राष्ट्रीय स्थिति में चीन, रूस और भारत को संयुक्त राष्ट्र, जी 20, ब्रिक्स सहयोग, शांगहाई सहयोग संगठन आदि बहुपक्षीय व्यवस्था की शक्ति से क्षेत्रीय मुठभेड़, आर्थिक विकास, आतंकवाद विरोध, मौसम परिवर्तन और वर्ष 2030 की अनवरत विकास प्रक्रिया पर अमल करने आदि मामलों और वैश्विक मामलों पर सहयोग और ताम-मेल आगे बढ़ाना चाहिए। ताकि और निष्पक्ष और लोकतांत्रिक अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की स्थापना में बढ़ावा दिया जा सके।(वनिता)

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