मेकोंग-लानछांग सहयोग का दूसरा शिखर सम्मेलन नोम पेन्ह में आयोजित

2018-01-11 11:00:13

मेकोंग-लानछांग सहयोग का दूसरा शिखर सम्मेलन 10 जनवरी को कंबोडिया की राजधानी नोम पेन्ह में आयोजित हुआ। चीनी प्रधानमंत्री ली खछ्यांग और कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन सेन ने इसकी संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। लाओस के प्रधानमंत्री थोंगलून सिसूलिथ, म्यांमार के उप राष्ट्रपति यू म्येंत स्वी, थाइलैंड के प्रधानमंत्री प्रायुत चान-ओचा और वियतनाम के प्रधानमंत्री न्यूयेन ज़ुआन फ़ुक सम्मेलन में उपस्थित हुए।

“हमारी शांति और अनवरत विकास की नदी” थीम वाले मौजूदा सम्मेलन में मेकोंग-लानछांग सहयोग में प्राप्त उपलब्धियों का सिंहावलोकन किए जाने के अलावा भविष्य के विकास की दिशा भी बनाई गई।

ली खछ्यांग ने सम्मेलन में भाषण देते हुए कहा कि मेकोंग-लानछांग सहयोग नदी क्षेत्र के छह देशों से गठित पहली उप-क्षेत्रीय सहयोग व्यवस्था है, जो “बेल्ट एंड रोड” पर समान रूप से विचार विमर्श करने और इसका समान निर्माण करने का महत्वपूर्ण मंच है। अब यह सहयोग इसी क्षेत्र में सबसे जीवन शक्ति से ओतप्रोत और सबसे फलदायी सहयोगी व्यवस्थाओं में से एक बन गया है। चीन मेकोंग नदी के तटीय देशों के साथ मिलकर इसी क्षेत्र में आर्थिक विकास बेल्ट स्थापित करने और मेकोंग-लानछांग देशों के साझे भाग्य समुदाय के निर्माण करने को तैयार है। ली खछ्यांग ने अपने पाँच सूत्रीय सुझाव पेश किये। पहला, जल संसाधन सहयोग अच्छी तरह किया जाए। दूसरा, जल संरक्षण संस्थापनों के निर्माण समेत उत्पादन क्षमता से संबंधित सहयोग को मज़बूत किया जाए। तीसरा, कृषि सहयोग का विस्तार किया जाए। चौथा, मानव शक्ति सहयोग को उन्नत किया जाए, और पांचवां, चिकित्सा और स्वास्थ्य सहयोग को आगे बढ़ाया जाए।

सम्मेलन में उपस्थित नेताओं ने कहा कि ली खछ्यांग द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव मेकोंग नदी के तटीय देशों के दूरगामी हितों से मेल खाता है। उन्होंने अपने देश के विकास के समर्थन के लिए चीन का आभार व्यक्त किया और माना कि मेकोंग-लानछांग सहयोग व्यवस्था की स्थापना का समय लम्बा नहीं होने के बावजूद फलदायी उपलब्धियां हासिल हुईं। इससे पड़ोसी जैसी मैत्री, आपसी लाभ और उभय जीत का व्यापक सहयोगी भविष्य दिखाई गई है।

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