एससीओ शिखर बैठक पर चीन में भारतीय राजदूत गौतम बंबावाले के साथ खास इंटरव्यू

2018-06-11 09:44:01

चीन में भारत के राजदूत गौतम बंबावाले ने सीआरआई संवाददाता को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि पिछले साल अस्ताना में हुए शिखर सम्मेलन में भारत शांगहाई सहयोग संगठन का पूर्ण सदस्य देश बना और एससीओ से जुड़ी तमाम बैठकों में भाग लिया। उन्होंने कहा कि भारत ने एससीओ में काफी काम किये हैं। इस बार पहली बार पूर्ण सदस्य के रूप में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए छिंगताओ आए हैं।

राजदूत बंबावाले ने कहा कि शांगहाई सहयोग संगठन सुरक्षा, आतंक-रोधी, आर्थिक विकास व वृद्धि, सांस्कृतिक आदान-प्रदान के स्तर पर काम करता है। भारत ने इस साल भी काम किये हैं और इसमें कोई संदेह नहीं कि आने वाले समय में भी भारत इस संगठन में अपना योगदान देता रहेगा।

भारतीय राजदूत गौतम बंबावाले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छिंगताओ शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए SECURE का नया कॉन्सेप्ट दिया। यह एक आम उद्देश्य है, जिसे एक्शन प्लान में बदला जाना चाहिए। इस एक्शन प्लान को आने वाले समय में पूरा किया जाना चाहिए, साल 2025 में लक्ष्य को हासिल किया जाए।

राजदूत ने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के महत्वपूर्ण भाषण की प्रशंसा करते हुए कहा कि चीन इस छिंगताओ शिखर सम्मेलन का मेजबान देश है। शी चिनफिंग का रोल बेहद महत्वपूर्ण है। उनके भाषण से मालूम हुआ कि आगे कैसे बढ़ना है, एससीओ को किस मोड़ पर ले जाना है, इन सबका दृश्य देखने को मिला। उनके भाषण में सभी मुद्दे महत्वपूर्ण रहे।

चीन और भारत के संबंध पर अपने विचार प्रकट करते हुए राजदूत गौतम बंबावाले ने कहा कि चीन और भारत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक साथ काम कर रहे हैं। अभी वुहान में दोनों शीर्ष नेताओं के बीच एक अनौपचारिक बैठक हुई। यह बैठक काफी मायने रखती है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी और शी चिनफिंग एक जैसा ही सोचते हैं, उनके विचार आपस में बहुत मिलते हैं। उनका मानना है मौजूदा समय में चीन और भारत के संबंध मजबूत हो रहे हैं, और आने वाले समय में और ज्यादा मजबूत होंगे।

(अखिल पाराशर)

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