टिप्पणी: चीन के अस्वीकृत अमेरिकी सोयाबीन को नहीं खा सकता यूरोप

2018-07-29 17:50:00

लेकिन क्या यूरोपीय संघ सक्षम है कि वह चीन के अस्वीकार करने की वजह से वाशिंगटन के सामने मौजूद सोयाबीन समस्या को हल कर सकेगा?

फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमानुअल मैक्रॉन और स्पेनिश प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ पेरेज़-कास्टेज़ोन 26 जुलाई को बातचीत करते हुए

ब्लूमबर्ग समाचार ने नकारात्मक जवाब में एक रिपोर्ट प्रकाशित की। रिपोर्ट में कहा गया कि यूरोपीय बाज़ार अमेरिकी सोयाबीन किसानों का एक विकल्प है, लेकिन जिसकी खरीदारी क्षमता चीन से कहीं दूर है। गत वर्ष चीन ने अमेरिका से 12 अरब 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर का सोयाबीन आयात किया, जबकि यूरोपीय संघ की आयात रकम केवल 1 अरब 60 करोड़ डॉलर थी। अनुमान है कि 2018-2019 यूरोप में अमेरिकी सोयाबीन की मांग करीब 1 करोड़ 53 लाख टन होगी, जो कि चीन की खरीददारी क्षमता से एक छठे से कम है। ट्रम्प सरकार ने चीन के खिलाफ़ व्यापार युद्ध छेड़ा, इसके विरुद्ध चीन ने कदम उठाया। यूरोप अमेरिकी किसानों को पहुंची सोयाबीन बिक्री वाली क्षति, ट्रम्प खुद पर और कृषि प्रधानता वाले स्टेटों के रिपब्लिकन सांसदों पर राजनीतिक दबाव को कम करना असक्षम है।

वहीं रायटर ने“अमेरिकी सोया बिक्री को बढ़ावा देने के लिए ईयू को डिस्काउंट नहीं”शीर्षक रिपोर्ट प्रकाशित कर कहा कि अमेरिका और यूरोप के बीच संपन्न समझौते का यूरोप में अमेरिकी सोयाबीन के आयात को बढ़ाने में केवल प्रतीकात्मक अर्थ मौजूद है। क्योंकि वाइट हाउस के सम्मेलन के पूर्व बाज़ार में कीमत की वजह से यूरोपीय संघ ने अमेरिका से सोयाबीन का आयात करना शुरु किया। अनुमान है कि अगस्त में अमेरिका के सोयाबीन की कीमत दक्षिण अमेरिका के सोयाबीन से प्रति टन 20 डॉलर कम होगी। यूरोपीय संघ के एक उच्च स्तरीय अधिकारी ने फ्रांस की न्यूज एजेंसी एएफपी से कहा कि हालांकि यूरोप ने अमेरिकी सोयाबीन के आयात को बढ़ाने पर सहमति जतायी है, लेकिन अंत में यूरोपीय बाज़ार आयात की मात्रा को निश्चित करेगा।

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी