यूएन महासभा के दौरान आईएमएफ़ प्रमुख लगार्ड से मिले वांग यी

2018-09-27 11:33:01

यूएन महासभा के दौरान आईएमएफ़ प्रमुख लगार्ड से मिले वांग यी

अमेरिकी स्थानीय समय के अनुसार 26 सितम्बर को चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने न्यूयार्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा में भागीदारी के दौरान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) प्रमुख क्रिस्टीना लगार्ड से भेंटवार्ता की।

वांग यी ने कहा कि लम्बे समय में आईएमएफ़ और चीन के बीच मित्रवत संबंध कायम हुआ है। वह चीन में सुधार, खुलेपन और चीन के शांतिपूर्ण विकास का लगातार समर्थन करता है और चीन के साथ घनिष्ठ संपर्क और आदान-प्रदान बनाए रखता है। हम आईएमएफ़ के प्रशंसक हैं कि उसने स्थिर वैश्विक आर्थिक वृद्धि और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चीन बहुपक्षवाद, मुक्त व्यापार, अंतरराष्ट्रीय कानून और नियम का दृढ़ समर्थन करता है और मानता है कि विश्व को एक बार फिर“जंगल नियमों”में वापस नहीं लौटना चाहिए। वर्तमान स्थिति में चीन अंतरराष्ट्रीय समुदाय की बहुपक्षवाद के समर्थन वाली ऊंची आवाज़ का पक्ष लेता है।

लगार्ड ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष चीन के साथ साझेदारी संबंध को गहराना चाहता है। आईएमएफ़ ने चीन में सुधार की प्रक्रिया, हाल में लागू किए गए कर कटौती कदम पर गहरी छोप छोड़ी। आईएमएफ़ का मकसद बहुपक्षवाद और अंतरराष्ट्रीय व्यापार का समर्थन करना है। वर्तमान परिस्थिति में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को बहुपक्षवादी व्यापार व्यवस्था का दृढ़ समर्थन करना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियम का पालन करते हुए सलाह मशविरे के माध्यम से मतभेदों को दूर करना चाहिए, ताकि समान वृद्धि को बखूबी अंजाम दिया जा सके। आईएमएफ़ चीन के साथ घनिष्ठ सहयोग करता रहेगा।

भेंटवार्ता में दोनों पक्षों ने विश्व व्यापार संगठन में सुधार पर विचारों का आदान-प्रदान किया। वांग यी ने कहा कि चीन डब्ल्यूटीओ के सुधार पर ध्यान देता है। डब्ल्यूटीओ ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार के विकास, खासकर विकासमान देशों की वृद्धि को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। चीन का विचार है कि सुधार के दौरान डब्ल्यूटीओ के बुनियादी सिद्धांत और कोर मूल्य की रक्षा की जानी चाहिए, विशेष कर विकासमान देशों के प्रति खास और फ़र्क व्यवहार किया जाना चाहिए, यहां तक कि इस प्रकार के व्यवहार को मजबूत किया जाना चाहिए। सुधार के जरिए व्यापक विकासमान देशों को अधिक सुविधा और उदारता दी जानी चाहिए। सुधार सभी सदस्यों के हितों से संबंधित है, इसी दौरान पारदर्शी, खुले और समावेश भावना के आधार पर पूर्ण रूप से विचार विमर्श किया जाना जरूरी है। खास कर व्यापक विकासशील देशों की आवाज़ सुननी चाहिए। इसी तरह सबसे व्यापक आम सहमति की प्राप्ति वाले सुधार को बेरोकटोक रूप से आगे बढ़ाया जा सकेगा और अधिकतम प्रभाव पड़ेगा।

(श्याओ थांग)

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी