अमेरिकी उप-राष्ट्रपति पेंस के बयान की व्यापक आलोचना

2018-10-10 17:43:01

अमेरिका के उप-राष्ट्रपति माइक पेंस ने हाल ही में अपने एक बयान में चीन के खिलाफ अनेक बातें कहीं। पर पेंस के बयान की चीन और अमेरिका दोनों देशों में व्यापक आलोचना की गयी है।

पेंस ने अपने बयान में इतिहास, सेना, मानवाधिकार, व्यापार और चुनाव आदि अनेक पहलुओं में चीन की निन्दा की। लेकिन उनके बयान में अनेक मुद्दे ऐतिहासिक तथ्यों को झूठा साबित करते हैं। मिसाल के तौर पर पेंस ने कहा कि अमेरिका ने कोरियाई प्रायद्वीप में स्वतंत्रता की रक्षा के लिए चीनी सेना के खिलाफ लड़ाइयां लड़ीं। वास्तव में तथ्य यह है कि अमेरिकी सेना ने सर्वप्रथम चीनी सेना के तट पर युद्ध की आग जलायी। चीनी सैनिकों ने विवश होकर अपनी प्रभुसत्ता और भूमियों की रक्षा करने के लिए कोरिया के युद्ध में भाग लिया।

पेंस ने यह भी कहा कि अमेरिका ने बीते पच्चीस सालों में चीन का पुनःनिर्माण किया है। लेकिन सन 1993 से अभी तक के पच्चीस सालों में चीन ने अपने प्रयासों से रुपांतर और बाजार अर्थतंत्र की ओर अभियान शुरू किया। उस समय अमेरिका और दूसरे कुछ देशों ने चीन के विकास को रोकने का प्रयास किया था। बीते पच्चीस सालों में चीन का जीडीपी 40 गुणा बढ़ा है, पर यह चीनी जनता के संघर्षों का परिणाम है। अमेरिका चीन जैसे विशाल देश का पुनःनिर्माण करने के लिए बिल्कुल असमर्थ है।

पेंस ने यह भी कहा कि चीन अमेरिका में दूसरे राष्ट्रपति का आना चाहता है। इसपर चीनी युवा नेटिजनों ने कहा कि पश्चिमी देशों को हमेशा से दूसरे देशों के अन्दरूनी मामलों में हस्तक्षेप करने का आदत है। चीन को ऐसा करने में कोई रूचि नहीं है, और ऐसा करने का समय भी नहीं है। पेंस के मुताबिक किसी चीनी छात्र ने अमेरिका के एक विश्वविद्यालय में बताया था कि अमेरिका में बोलने की आजादी है। लेकिन अमेरिका के नेट पर राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक मामलों की आलोचना में बहुत से प्रतिबंधित क्षेत्र भी रखे हुए हैं।

चीनी नेटिजनों ने कहा कि चीन अपने विकास पर ध्यान देता है। चीन अपने अन्दरूनी मामलों को निपटाने में लगा हुआ है। किसी भी व्यक्ति के लिए 1.4 अरब चीनी जनता के सुखमय जीवन की ओर अभियान को रोकना असंभव है।

( हूमिन )

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