माउंट कैलाश की तीर्थयात्रा संबंधी आदान-प्रदान गतिविधि भारत स्थित चीनी दूतावास में आयोजित

2018-10-14 15:35:01

माउंट कैलाश की तीर्थयात्रा संबंधी आदान-प्रदान गतिविधि भारत स्थित चीनी दूतावास में आयोजित

12 अक्तूबर के तीसरे पहर भारत स्थित चीनी दूतावास में माउंट कैलाश की तीर्थयात्रा संबंधी एक आदान-प्रदान गतिविधि का आयोजन किया गया। चीनी राजदूत ल्वो चाओह्वेई इस मौके पर उपस्थित थे और उन्होंने भाषण भी दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों, भारत सरकारी प्रतिनिधि और भारतीय तीर्थयात्रियों के प्रतिनिधि समेत करीब 70 लोगों ने गतिविधि में हिस्सा लिया।

चीनी राजदूत ल्वो ने अपने भाषण में लोगों के इस गतिविधि में भाग लेने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आप लोगों में से अधिकांश लोगों ने इस साल कैलाश की तीर्थयात्रा की। उन्होंने उन लोगों के संकल्प, त्याग, साहस और विश्वास पर सम्मान प्रकट किया। हिंदू धर्म में कैलाश की तीर्थयात्रा करना पवित्र माना जाता है। आप लोगों ने विविध कठिनाइयों को दूरकर सपने को साकार किया। आप लोग न सिर्फ तीर्थयात्री हैं, बल्कि आधुनिक भारत के ह्वेन त्सांग भी हैं। आशा है कि आप लोग अपने मित्रों को अपनी तीर्थयात्रा का परिचय देंगे और और ज्यादा मित्रों के चीन की यात्रा करने को प्रोत्साहित करेंगे।

माउंट कैलाश की तीर्थयात्रा संबंधी आदान-प्रदान गतिविधि भारत स्थित चीनी दूतावास में आयोजित

अपने भाषण में ल्वो चाओह्वेई ने चीन सरकार द्वारा भारतीयों की तीर्थयात्रा के लिए किये गये प्रयास भी साझा किए। उन्होंने कहा कि चीन सरकार धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान करती है। 1954 में चीन और भारत की सरकारों ने तीर्थयात्रा प्रबंध संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर किये। इसके बाद तीर्थयात्रा की औपचारिक शुरूआत हुई। और ज्यादा भारतीयों को अपने सपने को साकार करने को मदद देने के लिए चीन सरकार ने नयी तीर्थयात्रा लाइनें खोलीं और तीर्थयात्रियों की संख्या को भी बढ़ाया। 2015 में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाथुला दर्रे की तार्थयात्रा लाइन पर सहमति प्राप्त की। ल्वो ने कहा कि भारत स्थित चीनी दूतावास ने भी कई प्रयास किये हैं। तीर्थयात्रियों को वीजा देने के लिए दूतावास के कर्मचारी अकसर आधी रात तक काम करते हैं। साथ ही तिब्बत स्वायत प्रदेश की सरकार तीर्थयात्रा के लिए अत्यन्त कठोर काम निभाती है। स्थानीय सरकार ने तीर्थयात्रियों के लिए खास गाइडों, अनुवादकों, इंडियन महाराज आदि की तैयारी की है। उन लोगों की मेहनत से हर साल

माउंट कैलाश की तीर्थयात्रा संबंधी आदान-प्रदान गतिविधि भारत स्थित चीनी दूतावास में आयोजित

तीर्थयात्रियों की संख्या पिछली गत् 80 दशक की कई सौ से बढ़कर इस साल के 20 हजार से ज्यादा पहुंची हैं। भविष्य में चीन इस क्षेत्र में भारतीय पक्ष के साथ घनिष्ट सहयोग करता रहेगा और दोनों देशों की जनता की मैत्री और आपसी समझ को प्रगाढ़ करेगा।

गतिविधि में चीनी राजनयिकों ने तीर्थयात्रा की नीति, तीर्थयात्रा की लाइनें, तीर्थयात्रियों की वीजा व संख्या आदि सवालों का जवाब दिया।

(श्याओयांग)

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