शांगहाई की चुंबकीय ट्रेन

2018-11-08 09:35:00

शांगहाई में अंतर्राष्ट्रीय आयात मेले में आने वालों को यहां चलने वाली मेगलेव यानी मैग्नेटिक लेविटेशन ट्रेन बहुत पसंद आ रही है। चुंबकीय शक्ति से चलने वाली ये ट्रेन अपनी उच्च तकनीक और तीव्र रफ़्तार के लिये लोगों के आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है। वर्ष 1922 में जर्मन साइंटिस्ट हरमन केम्पर के दिमाग में ये विचार आया कि गति के लिये पहियों से आगे निकला जाए और उन्होंने चुंबकीय शक्ति से ट्रेन चलाने की सोची और यही विचार बाद में वैज्ञानिक सिद्धांत बना, जो बाद में दुनिया के कुछ देशों में फैला भी। मसलन ब्रिटेन, जर्मनी, जापान, कोरिया और फिर चीन में आया।

छांगयांग से पुतोंग अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की 30 किलोमीटर की दूरी सिर्फ़ आठ मिनट में तय करने वाली मेगलेव वैसे तो 300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलती है, लेकिन कुछ समय के लिये इसकी रफ़्तार 450 किलोमीटर तक भी पहुंचती है। वर्ष 2004 में 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर की लागत से बनी मेगलेव चलते समय घर्षण नहीं करती यानी ये अपनी पटरी से दस से पंद्रह मिलीमीटर ऊपर उठकर चलती है, यानी ये हवा के गद्दे पर चलती है। मेगलेव को जर्मनी की एरिक्सन और थाईसेनक्रुप कंपनी ने मिलकर बनाया है।

मेगलेव में यात्रा का आनंद लेने के लिये एक तरफ़ का टिकट 50 युआन यानी 500 रुपए का है। वीआईपी वर्ग के टिकट की कीमत दोगुनी यानी एक सौ युआन का है।

शांगहाई आने वालों को कम से कम एक बार मेगलेव में ज़रूर सफ़र करना चाहिए। इस सफ़र के आनंद को शब्दों में नहीं बताया जा सकता है, बल्कि यात्रा करके महसूस किया जा सकता है।

पंकज श्रीवास्तव

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