दुनिया की सैर का अनुभव पुस्तक में समेटा आशीष ने

2019-02-28 20:04:00

दुनिया की सैर का अनुभव पुस्तक में समेटा आशीष ने

चीन के शांगहाई में कार्यरत आशीष गोरे की किताब इन दिनों चर्चा में हैं। दुनिया के लगभग चालीस देशों की यात्रा के अनुभव को पुस्तक के रूप में समेटना आसान नहीं होता। लेकिन बहुराष्ट्रीय कंपनी बॉश में उपाध्यक्ष आशीष गोरे ने तमाम व्यस्तता के बावजूद ऐसा कर दिखाया है। हिंदी और अंग्रेज़ी में प्रकाशित इन पुस्तकों में लेखक ने विभिन्न देशों की यात्रा के दौरान हुए अनुभव के अलावा संपर्क में आए बहुआयामी व्यक्तित्वों और उक्त देशों के आधुनिक विकास आदि का संकलन किया है।

आशीष की हिंदी पुस्तक का नाम 'आँखों- देखी'... अनप्लग्ड और अंग्रेजी पुस्तक का नाम 'ग्लोबट्रॉटिंग'...अनप्लग्ड है। इसमें चीन, भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, जापान, सिंगापुर, कम्बोडिया, लाओस और नॉर्वे आदि देशों में हुए रोचक अनुभव और जानकारी पेश की गयी है।

सीआरआई के साथ बातचीत में आशीष ने बताया कि इस पुस्तक का प्रकाशन उनके लिए उतना ही आश्चर्यजनक और अप्रत्याशित है, जितना इंजीनीरिंग और प्रबंधन के पेशे व जीवन में आए कई अवसर और परिवर्तन हैं। कहते हैं कि भारत के आठ शहरों में काम करने के बाद लम्बे समय तक सिंगापुर, टोकियो और शांगहाई में रहने का अवसर मिला। इस दौरान अनुभव किए हर पल ने मेरे दिल में गहरी छाप छोड़ी, जिसे मैं पुस्तकों के रूप में बाहर लाया।

पिछले दिनों आशीष की इन दो पुस्तकों का विमोचन मुंबई के मणिबेन नानावटी महिला महाविद्यालय में किया गया। इस महिला महाविद्यालय की प्राचार्य राजश्री त्रिवेदी की अध्यक्षता में पुस्तकों का विमोचन किया गया। मुख्य अतिथि सोडेक्स ऑन-साइट सर्विसेज, पुणे के महाप्रबंधक मानव संसाधन विवेक अडावतकर रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मणिबेन नानावटी महिला महाविद्यालय मुंबई, में हिंदी के विभागाध्यक्ष रविंद्र कात्यायन की अहम भूमिका रही। कार्यक्रम का संचालन इंडियन एसोसिएशन शांगहाई की कार्यकारिणी सदस्य पल्लवी गोरे ने किया।

अनिल आजाद पांडेय

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