चीनी और भारतीय नौसेना विश्व शांति के लिए नया योगदान दे सकेंगे : भारतीय नौसेना अफ़सर

2019-04-25 17:24:00

“कोलकाता”नामक मिसाइल विध्वंसक जहाज़

चीनी नौसेना की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में पूर्वी समुद्र तटीय शहर छिंगताओ में समुद्री सैन्य परेड का आयोजन हुआ। चीन का मित्रवत पड़ोसी देश होने के नाते भारत ने इसमें भागीदारी के लिए दो सैन्य जहाज़ भेजे, जिनमें भारतीय स्वनिर्मित सबसे प्रगतिशील“कोलकाता”नामक मिसाइल विध्वंसक जहाज़ और इटली से आयातित“शक्ति”नामक आपूर्ति जहाज़ शामिल हैं।

चीन स्थित भारतीय राजदूत विक्रम मिस्री

चीन स्थित भारतीय राजदूत विक्रम मिस्री ने मौजूदा गतिविधि में भाग लिया। उन्होंने सीआरआई संवाददाता को दिए एक खास इन्टरव्यू में कहा कि भारत और चीन की नौसेना विश्व में शक्तिशाली नौसेना है। इस बार भारत ने दो सैन्य जहाज़ छिंगताओ तक भेजे, जिससे मौजूदा समुद्री सैन्य परेड पर उच्च महत्व और चीन के प्रति भारत के मित्रवत सहयोग की सदिच्छा जाहिर हुई। दोनो देशों के नेताओं के बीच कई मुलाकातें हुईं, इसके चलते राजनीति, अर्थतंत्र और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय आदान-प्रदान और सहयोग लगातार घनिष्ठ हो रहा है। उन्हें आशा है कि भविष्य में भारत और चीन के बीच आदान-प्रदान और सहयोग और उज्ज्वल दिशा की ओर आगे बढ़ेंगे

“शक्ति”आपूर्ति जहाज़ के कैप्टन कमांडर श्रीराम आमूर सीआरआई संवादगाता को इन्टरव्यू देते हुए

वहीं“शक्ति”आपूर्ति जहाज़ के कैप्टन कमांडर श्रीराम आमूर ने कहा कि भारतीय नौसेना चीनी नौसेना के साथ स्थाई मित्रवत सहयोग स्थापित करना चाहती है, ताकि विश्व शांति को बनाए रखने के लिए नया योगदान दिया जा सके।

(श्याओ थांग)

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