दुनिया के लिए एक एक रोल मॉडल बन सकता है एशिया

2019-05-15 12:11:00

एशिया का एक गौरवशाली इतिहास है, साथ ही मानव सभ्यताओं का स्रोत भी है। देखा जाए तो एशियाई सभ्यताएं सबसे ज्यादा स्थायी, स्थिर और लचीली सभ्यताओं से संबंधित हैं। अक्षीय युग में मानवता के पांच विचार प्रणालियों में से चार का जन्म यहीं हुआ। इस क्षेत्र में दुनिया के सबसे लोकप्रिय धर्म- ईसाई धर्म, इस्लाम, हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म और ताओ धर्म, सब मौजूद हैं।

वैसे भी पिछले साल भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंगापुर में छात्रों को एशिया के उज्ज्वल भविष्य के सामने चुनौती वाले प्रश्न का जवाब देते हुए कहा था कि 21वीं सदी एशिया की शताब्दी है। 21वीं सदी को एशिया की सदी बनाकर रहना है, यह हमारे लिए चुनौती है। यह अपने आप में विश्वास करना और यह जानना आवश्यक है कि अब हमारी बारी है। हमें इस अवसर का फायदा उठाना होगा और उसका नेतृत्व करना होगा।

एशियाई दृश्य एक सामंजस्यपूर्ण संतुलन है, जिसमें सभी संपूर्ण भाग हैं। पूरी उम्मीद है कि यह संवाद सम्मेलन एशियाई देशों के बीच साझा किए गए निहित सिद्धांतों की पहचान करने की कोशिश करेगा। इस आयोजन का एक प्रमुख लक्ष्य एक बहुत ही आवश्यक प्रक्रिया शुरू करना भी है, जिसके दौरान एशियाई युवा अपनी समृद्ध विविध सभ्यताओं के बीच सहयोग और आपसी सीख की सदियों पुरानी भावना का पता लगा सकेंगे। यकीनन एशिया दुनिया के लिए एक आदर्श बन सकता है।

(अखिल पाराशर)

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी