टिप्पणी :चीन के विकासशील देश के स्थान को वंचित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी

2019-07-28 19:18:00

अमेरिकी ह्वाइट हाउस ने 26 जुलाई को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि से कोई भी कदम उठाकर विश्व व्यापार संगठन का विकासशील सदस्यों के स्थान के सुधार को सुनिश्चित करने की मांग की और धमकी दी कि अगर 90 दिनों के अंदर स्पष्ट प्रगति नज़र में नहीं आयी, तो अमेरिका शायद एकतरफा तौर पर कार्रवाई करेगा ।ऐसे अल्टीमेटम से जाहिर है कि अमेरिका विश्व व्यापार संगठन के नियमों की खुली अवमानना करता है ,जो एकदम प्रयोगवाद और प्रभुत्ववाद है।

यह सर्वविदित है कि विश्व व्यापार संगठन के विकासशील सदस्यों के स्थान का वर्गीकरण लंबे समय से इस संगठन की परंपरा है ,जो सदस्यों द्वारा स्वदेशी सुधार बढ़ाने और बाजार खोलने के लिए नीतिगत संभावनाएं रखता है और विश्व व्यापार संगठन के विभिन्न लक्ष्य को पूरा करने के लिए लाभदायक है। विकासशील सदस्यों को जो विशेष और अलग व्यवहार प्राप्त होता है, वह निरंतर आर्थिक वृद्धि बनाए रखेगा और वर्तमान वैश्विक व्यापार व्यवस्था की महत्वपूर्ण नींव है।

लेकिन एक अरसे से अमेरिका, डब्ल्यूटीओ के इस मूल सिद्धांत को लेकर नाखुश है ।उस की नज़र में इसी कारण तेज़ आर्थिक विकास कर रहे विकासशील देशों को अपने से लाभ छीन लिया ।वर्ष 2010 चीन का विश्व में दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के बाद चीन के विकासशील सदस्यों के स्थान को वंचित करने की अमेरिका की आवाज बुलंद हो गयी। ट्रंप प्रशासन ने सत्ता में आने के बाद कई बार डब्ल्यूटीओ पर आरोप लगाया कि वह चीन का पक्ष लेता है और अमेरिका अन्याय का शिकार है।

एक देश विकासशील देश है या नहीं ।इसे तय करने में सिलसिलेवार सूचकांकों को देखना चाहिए जैसे कुल आर्थिक आकार ,प्रतिव्यक्ति औसत जीडीपी ,व्यावसायिक ढांचा ,सृजन की क्षमता और राष्ट्रीय आय का बंटवारा। चीन की आर्थिक आकार 140 खरब अमेरिकी डॉलर है, लेकिन प्रति व्यक्ति जीडीपी 10 हज़ार अमेरिकी डॉलर से कम है और विश्व के औसत प्रति व्यक्ति स्तर के नीचे है और अमेरिका का एक छठा भाग है ।इस के अलावा चीन का घरेलू विकास असंतुलित है ।पेइचिंग शांग हाई जैसे बड़े आधुनिक शहरों के अलावा 500 से अधिक गरीब काउंटियां हैं और 1 करोड़ 60 लाख लोग गरीबी की चपेट में फंसे हुए हैं ।

चीन और अमेरिका के बीच जो फासला है, वह सबसे बड़े विकासशील देश और सबसे बड़े विकसित देश के बीच का फासला है। अमेरिका सिर्फ़ चीन की कुल आर्थिक मात्रा को लेकर चीन के विकासशील देश के स्थान से इंकार करता है ।यह अवश्य अस्वीकार्य है।

चीन हमेशा डब्ल्यूटीओ के सुधार का समर्थन करता है ताकि उसकी प्रतिष्ठा और प्रभाव शक्ति को मजबूती मिले ,लेकिन चीन इस पर जोर भी लगाता है कि सुधार में बहुपक्षीय व्यापार तंत्र के केंद्रीय मूल्य की सुरक्षा करनी ,विकासशील सदस्यों के विकास हितों की गारंटी करना और फैसला करने में सर्वसम्मति पर कायम रहना चाहिए। (वेइतुंग)

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी