तिब्बत में गरीबी उन्मूलन की कोशिश जारी

2017-09-11 19:25:01

तिब्बती पठार की औसत ऊँचाई चार हजार मीटर से अधिक है और इसी कारण से इस क्षेत्र में रहने वाले लोग हाइपोक्सिया से ग्रस्त होते रहे हैं और आर्थिक विकास करना मुश्किल होने से तिब्बत में बहुत से लोग गरीबी से ग्रस्त रहे हुए हैं । तिब्बती लोगों की सहायता देने के लिए सरकार ने स्थानांतरण करवाने, उद्योगों का निर्माण करने और नौकरी प्रदान करने आदि कदम उठाकर जन जीवन में सुधार कराने का अथक प्रयास किया है ।

वर्ष 2016 में तिब्बत की राजधानी ल्हासा में स्थानांतरण और खुशहाल आवास परियोजना लागू की गयी जिस के अनुसार 4,500 मीटर से अधिक की ऊंचाई के क्षेत्रों में रहने वाले सभी गरीब लोगों को नीचले जमीन के 19 स्थलों में स्थानांतरित किया गया । मिसाल है कि छोश्वेई काउटी का सानयू गांव उन 19 स्थानांतरण स्थलों में से एक है । इस गांव का निर्माण वर्ष 2016 के मार्च में शुरू हुआ और वर्तमान में गांव में 184 परिवारों के 712 लोग रहते हैं । गांव में रहने वाले 62 वर्षीय कल्सांग के घर में छह सदस्य हैं । वे पहले पहाड़ी क्षेत्रों में रहते थे तब उन का मकान बहुत खराब था और घर हमेशा भूस्खलन के खतरे का सामना पड़ा था । अब कल्सांग का घर नीचले जमीन के सानयू गांव में स्थानांतरित किया गया है और उन्हें नौकरी व खेत भी प्राप्त हैं । बेटी ल्हासा शहर में काम कर रही है और पूरे परिवार की आय कई हजार युवान तक जा पहुंची है । कल्सान ने बताया,“मैं ने सब से पहले गरीबी उन्मूलन की स्थानांतरण परियोजना में भाग लेने के लिए दर्ज किया था । नये गांव में आने के बाद मुझे सब कुछ अच्छा लगता है । मेरा जीवन भी पहले से काफी बदला गया है । अब मैं गांव के फार्म में काम करता हूं और मेरी बेटी बाजार में फ्राइड आलू बेचती है और सारे परिवार की आय 18 हजार युवान तक रही है ।”

सानयू गांव में गाय व चिकन का पालन और औषधियों व फूलों का रोपण करने के तीन फार्म स्थापित हैं जहां गांव के सभी लोगों को नौकरी मिल गयी है । गांववासियों के लिए गांव के फार्म में काम करने में प्रति दिन पचास युवान की आय प्राप्त हो सकती है । गांववासी कल्सांग का जीवन बहुत सुधर गया और उन का एक पोता काउटी के मिडिल स्कूल में और दूसरा पोता किंडर-गार्टन में निशुल्क तौर पर भर्ती कराये गये हैं । उन्हों ने कहा, “मेरा पोता काउंटी के बोर्डिंग स्कूल में भर्ती हो गया है और सभी खर्च सरकार के पास होता है । और बच्चों की यातायात के लिए स्कूल बस भी सुरक्षित है ।”

कैलेंडर

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी