चीन और म्यांमार ने पहली बार संयुक्त समुद्री वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया

2018-02-05 10:32:01

चीन और म्यांमार ने पहली बार संयुक्त समुद्री वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया

17 से 21 जनवरी तक चीन और म्यांमार ने पहली बार हिंद महासागर में म्यांमार के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र में संयुक्त वैज्ञानिक सर्वेक्षण कर बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं ।चीनी वैज्ञानिक सर्वेक्षण जहाज श्यांग यांगहोंग नंबर तीन ने इस में भाग लिया ।

श्यांग यांगहोंग नंबर तीन वैज्ञानिक सर्वेक्षण जहाज़ दक्षिण-पूर्वी चीन के फू च्येन प्रांत के श्यामन शहर से रवाना होकर एक महीने की जहाजरानी कर 17 जनवरी को म्यांमार के सबसे बड़े बंदरगाह यानगोन पुहंचा। इस सर्वेक्षण के लक्ष्य के बारे में चीनी वैज्ञानिक सर्वेक्षण जहाज के प्रमुख वैज्ञानिक छ्यू युन ने सीआरआई के संवाददाता को बताया ,हमारा मुख्य अध्ययन ये है कि हिंद महासागर की स्थिति से भारतीय मानसून और हमारे मौसम पर क्या असर पड़ता है ।म्यांमार का समुद्री क्षेत्र चीन के मौसम पर प्रभाव डालने वाला एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है । इस के साथ म्यांमार के आसपास क्षेत्र समुद्री रेशम मार्ग निर्माण में एक अहम जुड़ाव है । इन दो पहलुओं से देखा जाए तो इस सर्वेक्षण का बड़ा महत्व है ।इसलिए हम यहां आए हैं।

छ्यू युन के अनुसार म्यांमार का समुद्री इलाका यानी उत्तर-पूर्वी हिंद महासागर चीन की सर्दी में जल वाष्प के परिवहन का मुख्य रास्ता है ।भार के परिवहन की मात्रा वर्षा की मात्रा तय करती है ,जिस से चीन के अंदर सूखा और बाढ़ की स्थिति पर भी प्रभाव पड़ता है ।इसलिए इस समुद्र का अध्ययन चीन की प्राकृतिक आपत्ति की भविष्यवाणी के लिए बड़ा महत्व रखता है ।

छ्यू युन ने कहा कि कुछ दिन में चीन और म्यांमार के वैज्ञानिकों ने बंगाल की खाड़ी और अंडमान समुद्र के म्यांमार के जल क्षेत्र में 65 घंटे में 680 नॉटिकल माइल की जहाजरानी करने के बाद बड़ी उपलब्धि प्राप्त की ।

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