छांगछुन फिल्म स्टूडियो के डबिंग फिल्मों का शानदार अध्याय

2018-10-17 17:02:01

नये चीन की स्थापना के बाद चीन की पहली डबिंग फिल्म चीन के छांगछुन फ़िल्म स्टूडियो से बनायी गयी। उस समय से अब तक लगभग 70 वर्षों में छांग छुन फिल्म स्टूडियो ने 50 देशों की 2400 से ज्यादा फिल्मों की डबिंग का काम किया है। अब चीन के फ़िल्म बाज़ार में डब फिल्मों का अनुपात कुल फिल्मों की एक तिहाई है।

छांगछुन फिल्म स्टूडियो के डबिंग फिल्मों का शानदार अध्याय

वर्ष 1949 में नये चीन के फ़िल्म इतिहास में पहली चीनी भाषा में डब की हुई फिल्म रूसी फिल्म प्राइवेट अलेक्सांदर माट्रोसोव की औपचारिक रूप से रिलीज़ हुई थी। यह छांगछुन फिल्म स्टूडियो की पहली डब फिल्म है। इस के बाद छांगछुन फिल्म स्टूडियो ने आवारा, रोमन हॉलि-डे, तोरासान, मैडागास्कर, डेस्पिकेबल मी जैसी बड़ी संख्या वाली विदेशी फिल्मों की डबिंग किया। उल्लेखनीय बात है कि हिन्दी फिल्म आवारा चीन में डबिंग की गयी पहली भारतीय फिल्म है। इस फिल्म ने चीन में भारी सफलता पायी और देश भर लोकप्रिय हुई और कई पीढ़ी वाले चीनियों के दिमाग में अमिट रही। वर्ष 2017 में चीन की मुख्य भूमि में लगभग 90 बाहरी फिल्मों का आयात हुआ ,जिनमें से 30 से अधिक फिल्मों की डबिंग छांगछुन फिल्म स्टूडियो में की गई। अन्य मंचों में दिखाई गयी डबिंग वाली फिल्मों को मिलाकर छांगछुन फिल्म स्टूडियो की डबिंग फिल्मों की संख्या 100 से अधिक थी ,जो डबिंग के बाज़ार का एक तिहाई से अधिक था। छांगछुन फिल्म स्टूडियो के डबिंग महाप्रबंधक वांग श्योवेइ ने बताया ,इधर कुछ साल सिनेमा घर में दिखाई जाने वाली डबिंग फिल्मों में 30 से अधिक हमारे स्टूडियो की हैं, जिसे पूरे फिल्म जगत की मान्यता और प्रशंसा मिलती है।

छांगछुन फिल्म स्टूडियो के डबिंग फिल्मों का शानदार अध्याय

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