द-ग सूत्र मुद्रण गृह

2019-01-14 14:31:00

द-ग छापाख़ाना एक विशेष तीर्थस्थल है और इस में विशेष नियम भी मौजूद है। मिसाल के तौर पर छापाख़ाने के मकानों में कोई इलेक्ट्रिक लाइट स्थापित नहीं है, और न ही आग लगती है। क्योंकि छापाखाने में संरक्षित प्राचीन ग्रंथों और प्रिंटिंग प्लेट की कड़ी रक्षा की जानी पड़ती है। छापाख़ाने में प्रिंटिंग प्लेट का साइज़ भी तरह तरह है। इनमें सबसे बड़े वाले का साइज़ है 110 सेमी लंबा, 70 सेमी चौड़ा और 5 सेमी मोटा। उनमें जो छोटा है, वह सिर्फ 33 सेमी लंबा और 6 सेमी चौड़ा होता है। द-ग छापाख़ाने के प्रिंटिंग प्लेट सेंटी पेड़ की लकड़ी से बने हैं। ये प्लेट बनाने के लिए भी कई साल समय लगता है। लकड़ी को पानी से उबला होने, सूखा बनाने, समतल बनाने के बाद इस पर शब्दों की खुदाई की जाती है। द-ग छापाख़ाने की मुद्रण कौशल दुनिया के लिए सांस्कृतिक खजाना है। तिब्बती बहुल क्षेत्रों में द-ग छापाख़ाने को छोड़कर और दो सूत्र मुद्रण गृह हैं यानी ल्हासा छापाख़ाना और लाब्रांग छापाख़ाना। द-ग छापाख़ाने का सूत्र देश विदेश में व्यापक रूप से फैल गया है और बहुत प्रसिद्ध है। द-ग छापाख़ाना दस हजार आबादी वाले गंग-छींग कस्बे में स्थित है। जहां बौद्ध अनुयायियों और विश्वासियों का तीर्थ स्थल माना जाता है। लोग हर रोज़ यहां के गंग-छींग मंदिर में प्रार्थना करने जाते हैं। वे मंदिर में पूजा करने के बाद चाय पीते रहते हैं और ऐसा जीवन इन के लिए बहुत आरामदेह है।

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी