रेशम मार्ग पर गण्यमान्य व्यक्तियों को शिनच्यांग की संस्कृति का अनुभव

2019-02-03 16:31:03

रेशम मार्ग पर गण्यमान्य व्यक्तियों को शिनच्यांग की संस्कृति का अनुभव

हाल ही में चाइना मीडिया ग्रुप द्वारा आयोजित रेशम मार्ग पर गण्यमान्य व्यक्तियों की चीन यात्रा प्रतिनिधि मंडल ने पश्चिमी चीन के शिनच्यांग वेवूर स्वायत्त प्रदेश के काश्गर शहर की शुफू काउंटी के जातीय संगीत वाद्य गांव का दौरा किया ।स्थानीय अल्पसंख्यक गायकों ने विशेषकर पश्चिमी और दक्षिण एशिया के गीतों से प्रतिनिधि मंडल का स्वागत किया ।पाकिस्तान के एफ़एम 98 चीन-पाक दोस्ती चैनल के एंकर तस्सव्वर ज़ामन बाबा ने मेज़बान के जोशपूर्ण उत्कार के प्रति शुक्रिया व्यक्त करने के लिए एक उर्दू गीत भी गाया ।

शिनच्यांग जातीय संगीत वाद्य गांव में परंपरागत वाद्य बनाने का इतिहास 150 वर्ष पुराना है । अब इस गांव में वाद्य यंत्र बनाने में जुटे हुए परिवारों की संख्या 273 है और व्यक्तियों की संख्या 500 से ज्यादा है ।यहां 27 वर्गों की 50 किस्मों के संगीत वाद्य बनाये जाते हैं ।वर्ष 2000 में चीनी केंद्रीय सरकार ने इस गांव को चीनी शिनच्यांग जातीय वाद्य के पहले गांव का नाम रखा ।

वेवूर जाति के परंपरागत संगीत बारह मूकामू में गीत ,कविता ,संगीत ,नृत्य से ओतप्रोत है ।उसका इतिहास लगभग 1000 वर्ष पुराना है ,जो विश्व की गैर भौतिक सांस्कृतिक विरासतों की नामसूची में शामिल है ।उस दिन 12 मूकामू बजाने के वाले सभी वाद्य इस गांव में ही बनाए हैं ।

रेशम मार्ग पर गण्यमान्य व्यक्तियों को शिनच्यांग की संस्कृति का अनुभव

बांग्लादेश के डेली सन अख़बार के कार्यकारी संपादक शिहाबुर रहमान ने बताया कि वर्तमान में कुछ अल्पसंख्यक जातियों की सभ्यता समेत कई सभ्यताएं गायब हो रही हैं । मैंने जो देखा और सुना है ,अल्पसंख्यक जातीय संस्कृतियों की संरक्षण में चीन सरकार अच्छी तरह काम कर रही है ।

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