तिब्बती पठार में जंगली जानवरों का संरक्षण

2019-03-11 15:34:00

तिब्बती पठार का उत्तरी भाग आदमी-रहित क्षेत्र कहलाता है। लेकिन औसत ऊंचाई 5000 मीटर से अधिक होने के इस क्षेत्र में बहुत से दुर्लभ जंगली जानवर जीते रहते हैं। तिब्बती पठार के उत्तरी भाग का एक दूसरा नाम है छ्यांगथांग, यहां चीन में सबसे बड़ा प्राकृतिक वातावरण संरक्षण क्षेत्र स्थापित है, जिसका क्षेत्रफल लगभग तीन लाख वर्ग किलोमीटर विशाल है।

उत्तरी तिब्बत के घास के मैदान में तिब्बती जंगली गधा, तिब्बती मृग, तिब्बती गैज़ेली और जंगली याक रहते हैं। केंद्र सरकार ने वर्ष 1993 में इस क्षेत्र में छ्यांगथांग प्राकृतिक वातावरण संरक्षण क्षेत्र स्थापित किया, जो विश्व में सबसे विशाल स्थलीय प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र माना जाता है। इस क्षेत्र में बहुत से दुर्लभ और लुप्तप्राय जानवर रहते हैं। इन जानवरों में जंगलात याक के संरक्षण को सरकार ने जोर लगाया है। सन 1990 के दशक में से अभी तक छ्यांगथांग प्राकृतिक वातावरण संरक्षण क्षेत्र में जंगली याक की संख्या बीस हजार से बढ़कर चालीस हजार तक जा पहुंची है, जिनमें 200 गोल्डन रंग वाले याक भी शामिल हैं। प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र के कर्मचारियों के अनुसार इस क्षेत्र में खरगोश और चूहा को छोड़कर दूसरे सभी जानवरों का संरक्षण किया जा रहा है। गोल्डन याक का पता लगाने के बाद इस क्षेत्र में किसी भी पशुपालन को मना दिया गया है। वर्ष 2014 में रीथू काउंटी में 1.25 लाख मू के घास के मैदान को जंगली जानवर संरक्षण क्षेत्र तय किया और इस क्षेत्र में पशुपालन और पर्यटन का विकास करना मना है।

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