दामाग लोगों का नया जीवन

2019-07-09 15:03:00

दामाग लोग तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के शिगात्ज़े शहर के अधीन चीलूंग काउंटी के चीलूंग टाउनशिप में रहते हैं। वर्ष 2003 में चीन और नेपाल के बीच सीमांत क्षेत्रों में घूमते 190 दामाग लोगों को आधिकारिक तौर पर चीन लोक गणराज्य की नागरिकता प्राप्त हुई और तबसे वे चीनी नागरिक बन गए। और उन्हें तिब्बती जाति की एक शाखा मानी जाती है। अभी तक दामाग गांव के कुल 89 परिवार हैं और गांववासियों की संख्या 299 रही है। सरकार की मदद से सभी दामाग लोगों को अपना मकान प्राप्त हुआ और उन्हें भी दूसरे लोगों की ही तरह गरीबी उन्मूलन, शिक्षा और चिकित्सा की सहायता मिल गयी है।

तिब्बती भाषा में दामाग का मतलब है "घुड़सवार सैनिकों के वंशज"। बताया गया है कि प्राचीन काल में दामाग लोगों के पूर्वज युद्ध में हार गए थे और इस क्षेत्र में रह गये थे। इसके बाद के लगभग दो सौ सालों में दामाग लोग हमेशा इस क्षेत में घूमते रहे और उन की संख्या भी बहुत कम रही है। वर्ष 2001 में एक स्थानीय पदाधिकारी ने चीलूंग काउंटी के चीलूंग घाटी का दौरा करते हुए दामाग लोगों का पता लगाया। वर्ष 2003 में तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की सरकार की मदद से इन सभी दामाग लोगों को चीन लोक गणराज्य की नागरिकता सौंपी गयी। 39 वर्षीय महिला तावा ने कहा कि नागरिकता प्राप्त होने के बाद मुझे यह लगा कि मैं एक घर मिल गयी हूं। देश की नागरिकता प्राप्त होने से पहले दामाग लोगों को सरकारी कल्याण का लाभ नहीं मिल सकता था। उन्हें आसपास घूमकर पार्ट टाइम जॉब करना पड़ता था, और उन की आय भी बेचारी थी। वर्ष 2005 में दामाग लोगों को चीन सरकार से आईडी कार्ड प्राप्त हुआ। इस के बाद इन लोगों को भी सरकार के गरीबी उन्मूलन अभियान का लाभ मिला। स्थानीय सरकार ने इन लोगों को फर्नीचर से लैस नये मकानों का निर्माण किया। इसी से दामाग लोगों का अपना गांव भी स्थापित हुआ। सरकार की मदद से गांववासियों को नल का जल, ग्रीनहाउस और सब्जी खेत भी प्राप्त है। इससे अधिक महत्वपूर्ण बात है कि सभी गांववासियों को मेडिकल बीमा भी प्राप्त हो चुकी है।

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