गरीबी उन्मूलन और फोटोवोल्टिक पावर स्टेशन

2019-08-12 09:02:00

इसमें यह भी चर्चित है कि जून 2015 में निर्मित लूंगयांगश्या जल और फोटोवोल्टिक पावर स्टेशन की उत्पादन क्षमता 8 लाख 50 हजार किलोवाट है, इस की बिजली 330 किलोवोल्ट ट्रांसमिशन लाइन के माध्यम से लूंगयांगश्या हाइड्रोपावर स्टेशन तक ट्रांस्मित की जा रही है। जिसे विश्व में सबसे बड़ा जल-फोटोवोल्टिक पूरक पावर स्टेशन माना जाता है। चीनी ऊर्जा निवेश निगम के एक पदाधिकारी के अनुसार फोटोवोल्टिक पावर स्टेशन का उत्पादन केवल दिन के कई घंटों में होता है, जल विद्युत उत्पादन के साथ मिलकर इस के ग्रिड कनेक्शन की समस्या को हल हो गया है। लूंगयांगश्या जल और फोटोवोल्टिक पावर स्टेशन की उत्पादन क्षमता लगभग प्रति वर्ष 1.5 अरब किलोवाट घंटा हो गयी है, इस से प्रति वर्ष 1.8 लाख टन कोयले का बचाव हो सकता है। जो प्राकृतिक वातावरण के संरक्षण के लिए बहुत मददगार है। छिंगहाई प्रांत की निर्जन भूमियों पर फोटोवोल्टिक पावर स्टेशन का विकास करने का शानदार भविष्य है। आज चीनी कंपनियों के पास फोटोवोल्टिक पावर स्टेशन का निर्माण, संचालन और ऊर्जा भंडारण करने की पूर्ण औद्योगिक श्रृंखला प्राप्त है। छिंगहाई प्रांत में देश में प्रथम 100 मेगावाट सौर ऊर्जा फोटोवोल्टिक बिजली उत्पादन आधार तथा प्रथम नई ऊर्जा बिग डेटा इनोवेशन प्लेटफॉर्म निर्मित हो चुके हैं। गत वर्ष पूरे प्रांत में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन क्षमता 2.42 करोड़ किलोवाट तक पहुंच गई है, जो तमाम बिजली उत्पादन क्षमता का 86 प्रतिशत भाग रहता है। नई ऊर्जा की उत्पादन क्षमता पारंपरिक ऊर्जा से भी आगे बढ़ी है। छिंगहाई प्रांत में हरित ऊर्जा के विकास ने पूरे देश में रिकॉर्ड बना दिया है। अब छिंगहाई प्रांत में उत्पादित स्वच्छ ऊर्जा का मध्य चीन के च्यांगसू, हूपेइ और हनान आदि प्रांतों में यूएचवी संचरण के जरिये ट्रांसमिशन किया जा रहा है, जिससे देश में ऊर्जा के ढ़ांचे के समायोजन को बढ़ावा मिला है। अफसरों का कहना है कि भविष्य में छिंगहाई प्रांत में बड़े पैमाने पर स्वच्छ ऊर्जा का विकास किया जाएगा और स्वच्छ ऊर्जा का देश के दूसरे क्षेत्रों में ट्रांसमिशन किया जाएगा। जिसमें स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा।

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