सीमावर्ती गांव में तिब्बती मुखिया

2019-08-28 20:03:00

क्वेइसांग को यह पता है कि गांववासियों को जो चाहिए वह वास्तविक लाभ ही है। और पार्टी की कार्यकर्ताओं को किसानों को गरीबी से मुक्ति दिलाने में भरसक कोशिश करनी ही चाहिये। क्वेइसांग ने अपने सहपाठियों के साथ-साथ शा गांव की विशेष स्थितियों के अनुसार पैसा कमाने वाले रास्ते की तलाश की। शा गांव चीन और नेपाल की सीमा पर स्थित है। इतिहास में शा गांव की अपनी परिवहन टीम रही थी और टीम में 160 याक या घोड़े भी थे। जो दोनों देशों के बीच चावल, आटा, रोजमर्रे की वस्तुएं, दैनिक आवश्यकताएं तथा निर्माण सामग्रियां आदि का परिवहन करते थे। आज शा गांव के लोग भी चीन से नेपाल तक सामग्रियों की बिक्री कर रहे हैं। प्रति वर्ष सामान बेचने की मात्रा 350 टन तक रही है। काउंटी की सरकार ने भी शा गांव के पास एक सीमा व्यापार बाजार स्थापित किया। वर्ष 2019 में शा गांव की अपनी सहकारी भी स्थापित हुई, जो चीन से नेपाल तक सीमेंट, बीयर और भिन्न भिन्न रोजमर्रे वस्तुओं की बिक्री कर रही है। प्रति वर्ष शा गांव के लोगों में प्रति व्यक्ति के लिए इस बिक्री से कई हजार युआन की आय प्राप्त हो सकती है। इस के अतिरिक्त गांववासियों को सरकार से पारिस्थितिक मुआवजा, वेटलैंड मुआवजा, सीमा सब्सिडी, चारागाह सब्सिडी, वानिकी सब्सिडी और संरक्षित क्षेत्र सब्सिडी आदि भी प्राप्त है। अब शा गांव में प्रति व्यक्ति की वार्षिक आय 21 हजार नौ सौ युआन तक रही है। गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य सरासर पूरा हो गया है। गांववासियों को अधिक आय दिलाने के लिए क्वेइसांग ने तिब्बती धूपबत्ती को विशेष वस्तुओं के रूप में सीमा व्यापार के मेले में शामिल करना चाहा।

क्वेइसांग ने कहा कि सीमा व्यापार करने की तुलना सीमांत क्षेत्र की सुरक्षा और अधिक महत्वपूर्ण है। उन का बेटा भी सीमा क्षेत्र का सुरक्षाकर्मी है। क्वेइसांग ने अकसर अपने बेटे को बताया कि सीमा की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। वे अपने परिवारजनों के साथ हमेशा सीमा की रक्षा करेंगे और एक इंच की जमीन भी अपने हाथ से नहीं खो जाएगा।

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