सीमावर्ती गांव में तिब्बती मुखिया

2019-08-28 20:03:00

तिब्बत के न्गारी प्रीफेक्चर में "सीमा गांव" का परिवर्तन

तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की गाल काउंटी के तेमछोक गांव में सभी लोगों को सरकार की सहायता से निर्मित आधुनिक मकानों में स्थानांतरित होने वाले हैं। तेमछोक गांव का दूसरा नाम है सीमा पर स्थित नम्बर एक गांव। गांववासियों के जीवन में सुधार लाना पार्टी की संस्थाओं का सतत मिशन है। वर्ष 1984 में गांववासियों ने पत्थरों से अपना मकान निर्मित किया था। इस के बाद सरकार की मदद से उन्हों ने निरंतर अपने मकानों का पुनर्निर्माण किया है। पार्टी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद तेमछोक के गांववासियों को सरकार की तरफ से अधिक सब्सिडी प्राप्त हो गये हैं।

वर्ष 1984 में कार्मा त्सेरिंग ने अपने परिवारजनों के साथ तेमछोक गांव में निवास रखा। लेकिन खराब प्राकृतिक वातावरण की वजह से कुछ गांववासियों को तेमछोक को छोड़ना पड़ा। केवल कार्मा त्सेरिंग और उन की बेहिन के दो परिवारों ने इस गांव में रहना जारी रखा। इन के प्रभाव से वर्ष 1990 तक और कई परिवार गांव में आ गये। कार्मा त्सेरिंग चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य हैं और उन्हें तेमछोक गांव के मुखिया भी थे। सीमांत क्षेत्रों में चराई करते हुए वे गश्त भी करते रहे। और उन का नियम है कि शादी होने के बाद सभी बेटे और बेटियों को गांव में रहना चाहिये और इस तरह उन के छह बेटे बेटियों के परिवार भी गांव में रहते हुए हैं।   

आज तेमछोक गांव एक बड़ा गांव बना है। गांव में पार्टी समिति और कार्य दल के नेतृत्व में स्थापित गश्ती दल रोज सीमांत क्षेत्र की रक्षा कर रहा है। आज गांव के कुल 48 परिवार के 171 गांववासी हैं जिनमें 41 पार्टी सदस्य भी हैं। पार्टी के सदस्यों के प्रयासों से तेमछोक गांव में गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य पूरा हो गया है। वर्ष 2017 से काउंटी सरकार के नेतृत्व में तेमछोक गांव ने हरियाली परियोजनाओं को लागू किया और कई हजार पेड़ बोये। भविष्य में इस सीमांत क्षेत्र में जंगल से कवर हो जाएगा।

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