चीन ने हंबनटोटा पोर्ट के निर्माण में नयी तकनीक का प्रयोग किया

2018-10-17 17:08:01

 वर्ष 2018 एक पट्टी एक मार्ग प्रस्ताव पेश करने की 5वीं वर्षगांठ है। पाँच वर्षों में चीन ने 34 देशों के 42 बंदरगाहों के निर्माण और संचालन में भाग लिया। महासागर शिपिंग सेवा ने एक पट्टी एक मार्ग प्रस्ताव से जुड़े देशों को कवर किया और शिपिंग का आपसी संपर्क सूचकांक भी विश्व में पहले स्थान पर रहा। दक्षिणी श्रीलंका के समुद्र तट पर स्थित हंबनटोटा पोर्ट एशिया से यूरोप तक के मुख्य चैनल के चौराहे पर स्थित है, जो 21वीं शताब्दी के समुद्रीय रेशम मार्ग का एक महत्वपूर्ण स्थल है। चीन ने अपनी आधारभूत सुविधाओं के निर्माण में प्राप्त उच्चतम तकनीक और अनुभव लेकर हंबनटोटा पोर्ट के आर्थिक निर्माण में इसका प्रयोग किया।

हंबनटोटा इंटरनेशनल पोर्ट ग्रुप (प्राइवेट) लिमिटेड यानी एचआईपीजी के ऑपरेशन विभाग के उप महाप्रबंधक यूरी कन्नंगारा के लिए हालांकि हंबनटोटा पोर्ट का प्राकृतिक पर्यावरण सुंदर है, लेकिन यहां काम करने के दौरान कई कठिनाईयां मिलीं। लंबे समय में बुनियादी संस्थापनों की कमजोर स्थिति से इस क्षेत्र के विकास में बाधा आई।

यूरी कन्नंगारा ने कहा कि कुछ स्थितियों में हमारे ग्रुप के विकास के लिए आसपास का वातावरण एक बाधा है। कोलंबो की तुलना में हंबॉनटोटा में कई सुविधाएं नहीं हैं, कार्य वातावरण बहुत मुश्किल है। हमारे लिए यह सबसे बड़ी कठिनाई है।

सूत्रों के अनुसार हंबनटोटा बंदरगाह हिंद महासागर के एशिया यूरोप की मुख्य शिपिंग लाइन से केवल 10 से 20 समुद्री मील की दूरी पर स्थित है। दुनिया भर में 50% से अधिक कंटेनर शिपिंग, एक तिहाई हिस्से के थोक माल शिपिंग, दो तिहाई हिस्से के तेल परिवहन को यहां जाने की जरूरत है। हर वर्ष 73 हजार जहाज यहां से गुजरते हैं। बेहतर भौगोलिक स्थान और बहुत बढ़िया गहरे जल संसाधन हंबनटोटा बंदरगाह के पास अंतर्राष्ट्रीय पारगमन केंद्र के गहरे पानी का बंदरगाह बन जाने की श्रेष्ठता है।

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