चीन के सुधार और खुलेपन पर चीन स्थित पाकिस्तान दूतावास के पूर्व विज्ञान और प्रौद्योगिकी काउंसलर ज़मीर अहमद अवान का अनुभव

2019-03-04 16:04:00

चीन के सुधार और खुलेपन पर चीन स्थित पाकिस्तान दूतावास के पूर्व विज्ञान और प्रौद्योगिकी काउंसलर ज़मीर अहमद अवान का अनुभव

चीन के सुधार और खुलेपन की नीति लागू करने के बाद से अब तक के 40 वर्षों में हर चीनी व्यक्ति ने व्यक्तिगत रूप से चीन के विकास के चमत्कार का अनुभव किया है। इसके साथ ही कई विदेशी लोगों ने भी चीन के रूढ़िवादी अतीत से खुलेपन तक और गरीबी से समृद्धि की ओर बढ़ने की प्रक्रिया भी देखी है। चीन स्थित पाकिस्तान दूतावास के पूर्व विज्ञान और प्रौद्योगिकी काउंसलर, पाकिस्तान के राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के चीनी अनुसंधान केंद्र के उपाध्यक्ष ज़मीर अहमद अवान चीन के सुधार और खुलेपन को देखने वाले अपनी तरह के एक गवाह हैं।

1980 से 1987 तक ज़मीर अहमद अवान विश्वविद्यालय में अध्ययन करने के लिए चीन आए थे। उस समय चीन के सुधार और खुपेलन की नीति शुरू ही हुई थी। उस समय वो भोजन टिकट और मांस टिकट से खाद्य पदार्थ खरीदते थे।

उन्होंने कहा कि जब मैं पहली बार चीन पहुंचा, तो उस समय खाने के लिये पर्याप्त भोजन नहीं था। मैं भोजन टिकटों से खाना खरीदता था और मैंने मांस टिकट, खाद्य तेल टिकट और कपड़ा टिकट का उपयोग किया था। हर दिन आपूर्ति भी काफी तंग थी। आयातित चीजें बहुत कठिनाई से मिलती थीं। बेशक, विदेशी लोग फ्रेंडशिप स्टोर में कुछ आयातित और घरेलू उत्पाद खरीद सकते थे। लेकिन सामान्य तौर पर जीवन कठिन था, विशेषकर आम चीनी लोगों का जीवन और भी कठिन था। उस समय सार्वजनिक परिवहन और सड़कें अविकसित थे, और बिजली की आपूर्ति अपर्याप्त थी, कई गैस स्टेशन नहीं थे और विभिन्न क्षेत्रों की स्थिति बेहतर नहीं थी।

ज़मीर अहमद अवान का विचार है कि सुधार और खुलेपन की नीति लागू करने की शुरूआत में चीन की आर्थिक स्थिति दिन प्रति दिन अच्छी हो रही थी, लेकिन विकास की गति फिर भी धीमी थी। वास्तव में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की दूसरी पीढ़ी के नेता तंग श्याओ फिंग द्वारा दक्षिणी चीन का निरीक्षण दौरा करने के बाद चीन की सुधार नीति में तेजी आई।

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी