चीन-भारत संबंधों के पेड़ ही नहीं, जंगल भी देखना चाहिए :फ़ू यिंग

2017-03-04 15:07:32

12वीं चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा की प्रवक्ता फ़ू यिंग ने 4 मार्च को सुबह पेइचिंग में आयोजित न्यूज़ ब्रिफिंग में भारतीय संवाददाता के प्रश्नों के उत्तर देते हुए कहा कि चीन-भारत संबंधों के पेड़ ही नहीं, जंगल भी देखना चाहिए ।

फ़ू यिंग ने कहा कि चीन-भारत का बड़ी तेज़ी से विकास हो रहा है । सन 1990 के दशक में चीन-भारत व्यापार रकम केवल दो अरब अमेरिकी डालर थी जबकि आज यह मात्रा बढ़कर 70 अरब अमेरिकी डालर तक जा पहुंची है । यह मात्रा सन 1990 के दशक में अकल्पनीय थी । उस समय चीन और भारत के बीच उड़ान सेवा भी बहुत कम थी जबकि आज दोनों देशों के बीच प्रति सप्ताह 40 उड़ानें हैं ।

फ़ू यिंग ने कहा कि आज चीन और भारत दोनों देशों के नेताओं के बीच अकसर वार्तालाप होता है, दोनों सेनाओं के बीच नियमित संपर्क भी जारी है, और इसके आगे दोनों देशों ने देशव्यापी अपराध के विरूद्ध सहयोग संरचना भी स्थापित की है । चीन और भारत के बीच अंतर्राष्ट्रीय व क्षेत्रीय मामलों में सहमतियां मौजूद हैं और बेशक दोनों देशों के बीच मतभेद भी मौजूद है । चीन और भारत दोनों महान विकासमान देश हैं और उनके सामने भिन्न-भिन्न चुनौतियां और कठिनाइयां भी मौजूद हैं । इस स्थिति में चीन और भारत को एक दूसरे को समझना चाहिए और इस तरह आपस में चिन्ताओं का निपटारा किया जा सकता है। दोनों देशों के बीच समस्याएं मौजूद रहने के बावजूद उन्हें सहयोग करना चाहिये । एक पट्टी एक मार्ग के निर्माण का उद्देश्य आर्थिक विकास करना ही है जो भारत के हितों के अनुकूल भी है । इसलिए हमें द्विपक्षीय संबंधों की सामान्य स्थिति पर ध्यान देना चाहिये ।

( हूमिन )

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