अमेरिका के पेरिस समझौते से हटने की व्यापक आलोचना

2017-06-02 16:14:07

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 1 जून को ह्वाइट हाउस में घोषणा की कि अमेरिका विश्व जलवायु परिवर्तन के निपटारे संबंधी पेरिस समझौते से हट जाएगा।

ट्रंप ने प्रेस वार्ता में कहा कि आज से अमेरिका बाध्यकारी रहित पेरिस समझौते का कार्यांवयन बंद करेगा। उन्होंने कहा कि पेरिस समझौते से अमेरिका प्रतिकूल स्थान पर रहेगा,जबकि अन्य देशों को लाभ मिलेगा । अमेरिका नये दौर की वार्ता शुरू करने की कोशिश करेगा, ताकि अमेरिका के लिए न्यायपूर्ण समझौता संपन्न हो ।

जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर ट्रंप के रवैये की देश विदेश में व्यापक आलोचना हो रही है।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक बयान में कहा कि अमेरिका भविष्य से इंकार करने वाले कुछ देशों की पंक्ति में शामिल हो चुका है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटरेस ने कहा कि अमेरिका का पेरिस समझौते से हटना ग्रीन हाउस गैस घटाने और विश्व सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक अत्यंत निराशाजनक बात है ।बयान में कहा गया कि वर्ष 2015 विश्व के विभिन्न देशों ने इसलिए पेरिस समझौता संपन्न किया । क्योंकि लोग जानते हैं कि जलवायु परिवर्तन से भारी नुकसान पहुंचा है और कदम उठाने से बड़े मौके आएंगे ।

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ छुन इंग ने 1 जून को बताया कि चीन विभिन्न पक्षों के साथ पेरिस समझौते की उपलब्धियों की सुरक्षा करने की समान कोशिश करेगा। ताकि विश्व के हरित और कम कार्बन वाले निरंतर विकास को बढ़ावा मिले ।उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन विश्व व्यापी चुनौती है ।कोई भी देश इस मामले के बाहर नहीं रह सकता।

(वेइतुङ)

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