सुप्रीम कोर्ट ने 1.78 लाख शिक्षामित्रों के नियमितीकरण को गैरकानूनी ठहराया

2017-07-27 11:03:03

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में 1.78 लाख शिक्षामित्रों की सहायक अध्यापक के रूप में नियमितीकरण को सिरे से गैरकानूनी ठहराया है। बच्चों के लिए शिक्षा के मुफ्त और अनिवार्य अधिकार अधिनियम में केंद्र सरकार द्वारा तय शैक्षिक मानकों का नियमितीकरण में पालन न करने पर कोर्ट ने यह आदेश दिया है। 1999 में राज्य सरकार ने प्राइमरी स्कूलों में शिक्षा मित्रों की नियुक्ति की थी। अफसरों ने बताया कि कोर्ट ने कहा है कि बच्चों के मुफ्त शिक्षा के मौलिक अधिकार की कीमत पर शिक्षामित्रों को नियमित नहीं किया जा सकता है, इसके लिए शिक्षक विधिवत शैक्षिक योग्यता वाले होने चाहिए। हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि उनके पास अपेक्षित योग्यता है तो उनको शिक्षक के रूप में भर्ती का अवसर दिया जाना चाहिए।  



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