“एक पट्टी एक मार्ग” की सही समझ चाहिये

2017-07-27 15:30:03

सपना – यह चाइना रेडियो इंटरनेशनल है । प्रिय दोस्तो, बहुत खुशी है कि मैं, श्याओथांग आज आप के साथ रही हूं । आज के कार्यक्रम में मैं और हमारे सीनियर टिप्पणीकार हूमिन जी आप के साथ"एक पट्टी एक मार्ग"के बारे में एक बातचीत करेंगे । हू साहब, नमस्ते ।

हू – नमस्ते । सपना जी ।

सपना – हम जानते हैं कि वर्ष 2013 में चीन के सर्वोच्च नेता शी चिनफींग ने"एक पट्टी एक मार्ग"का अनुमोदन प्रस्तुत किया और विश्व भर में इस योजना का व्यापक स्वागत है । लेकिन खेद की बात है कि अभी तक हमारे पड़ोसी देश भारत के कुछ लोगों में इसके प्रति गलतफ़हमी मौजूद है । इस पर आपका क्या विचार है ?

हूं – हां । चीन के राष्ट्रपति शी चिनफींग ने वर्ष 2013 में औपचारिक तौर पर"एक पट्टी एक मार्ग"का अनुमोदन प्रस्तुत किया । अंग्रेजी में इसे कहा जाता है बेल्ट एंड रोड । क्योंकि प्राचीन काल में विश्व के पूर्वी भाग से पश्चिम तक दो महत्वपूर्ण मार्ग मौजूद रहे यानी रेशम मार्ग और समुद्रीय रेशम मार्ग । चीनी नेता ने इसीलिए"एक पट्टी एक मार्ग"का अनुमोदन पेश किया यानी कि वे एशिया के प्रशांत महासागर के वेस्ट बैंक से पश्चिमी यूरोप तक एक विशाल आर्थिक क्षेत्र की स्थापना करना चाहते हैं । यह एक महान परियोजना है जिसका मकसद एशिया के पूर्वी तट से पश्चिमी यूरोप तक के विशाल क्षेत्रों के सभी देशों के लिए आर्थिक विकास का एक बड़ा मंच तैयार करना है ।

सपना – लेकिन आजकल की स्थितियों को देखते हुए यह मालूम है कि कुछ भारतीय दोस्तों को"एक पट्टी एक मार्ग"के प्रति संदेह है । उन्हें शायद शंका है कि"एक पट्टी एक मार्ग"के पीछे चीन का कोई सैनिक या रणनीतिक उद्देश्य है । और उन्हें शंका भी है कि चीन"एक पट्टी एक मार्ग"के निर्माण से भारत को घेरना चाहता है । आप के विचार में यह सही है कि नहीं ?

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