भारत और रूस संयुक्त सैन्य अभ्यास तीसरे देश के खिलाफ नहीं

2017-08-16 10:57:02

भारत और रूस के बीच होने वाले आगामी संयुक्त सैन्य अभ्यास किसी तीसरे देश के खिलाफ नहीं हैं । यह बात रूस के विशेषज्ञ ने कही ।

मिलिटेरी एंड पालिटीकल स्टडी सेंटर ऑफ द रसियन इनस्टीट्यूट फॉर स्ट्रटीजिक स्टडीज के उप प्रमुख सरगई यरमाकोव ने बताया कि यह अभ्यास वर्ष 2003 से लगातार हो रहे हैं। इनकी घोषणा अग्रिम में की जाती है और इससे संबंधित जानकारी भी ज्ञात रहती है। रूस के विशेषज्ञ यरमाकोव का कहना है कि हाल ही में रूस और चीन की नौ सेना के बीच बाल्टिक समुद्र में भी अभ्यास हुआ था। उनका कहना है कि इस तरह के अभ्यासों से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में स्थिरता आती है और मौजूदा समस्याओं के समाधान में सहायक होते हैं। 

भारतीय मीडिया ने रविवार को 19 से 29 अक्टूबर तक रूस में इंद्रा 2017 अभ्यास होने की जानकारी दी थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि इससे दो सेनाओं के बीच समन्वय में सुधार आएगा। यह पहला मौका होगा जब भारत इस तरह का अभ्यास देश से बाहर करेगा। भारत का दैनिक अखबार इकानोमिक टाइम्स लिखता है कि यह अभ्यास उस समय हो रहे हैं जब सीमा पर चीन और भारत के बीच तनाव चल रहा है। 



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