तीन देशों ने एक साथ इराक के कुर्द क्षेत्र पर दबाव बनाया

2017-10-01 18:13:00

इराक के कुर्द स्वायत्त क्षेत्र में 25 सितंबर को जनमत संग्रह का आयोजन किया गया और 92 प्रतिशत की समर्थन दर से स्वतंत्रता को पारित किया गया। हाल के कई दिनों में इराक सरकार, तुर्की और ईरान ने तीव्र प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कुर्द क्षेत्र में आने-जाने वाली अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को बंद करने, संयुक्त सैन्याभ्यास करने, तेल-उत्पाद के व्यापार को खत्म करने जैसे कई कड़े कदम उठाने से कुर्द क्षेत्र पर लगातार दबाव बनाया।

कुर्द क्षेत्र में आयोजित जनमत संग्रह के प्रति इराक सरकार ने 29 सितंबर को दो कदम उठाये। पहला, कुर्द क्षेत्र में आने-जाने वाली अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को बंद किया। और दूसरा, कुर्द क्षेत्र से जुड़े तुर्की और ईरान के ज़मीनी पोर्टों में ठिकानों की स्थापना करना। इराकी प्रधानमंत्री के प्रेस कार्यालय के अनुसार केंद्र सरकार की इस कार्रवाई का लक्ष्य निगरानी और प्रबंधन को मज़बूत करना है, खाद्य आपूर्ति को खत्म करना नहीं है।

उनके अलावा इराकी सरकारी सेना ने तुर्की सशस्त्र बलों के साथ तुर्की में कुर्द क्षेत्रों से नजदीक सीमांत क्षेत्र में कई दिनों तक संयुक्त सैन्याभ्यास किया। सैन्याभ्यास के दौरान तुर्की वायु सेना के लड़ाकू विमान ने उत्तरी इराक के कुर्द श्रमिक पार्टी के सशस्त्र लक्ष्य पर हवाई हमला किया। तुर्की सशस्त्र बलों द्वारा जारी बयान के अनुसार अलगाववादी और आतंकवादी संगठनों के 13 सशस्त्र व्यक्तियों का सफ़ाया किया गया।

30 सितंबर को ईरानी मीडिया ने ईरानी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता की बातों के हवाले से कहा कि ईरान और इराक दोनों देशों की सेना आगामी कई दिनों में सीमा पर संयुक्त सैन्याभ्यास करेंगी। उनके अलावा ईरान ने इराक सरकार की मांग को स्वीकार करके इस बात की सहमति जताई कि इराकी सरकारी सेना ईरान में प्रवेश करके कुर्द और ईरान के लैंड पोर्ट में जांच चौकी स्थापित करेगी। ताकि सीमा पर सुरक्षा के प्रबंधन को मज़बूत बनाया जा सके।

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