नई दिल्ली में हर साल लगभग 30 हजार लोग वायु प्रदूषण से मरते हैं

2017-11-11 16:10:04

भारतीय चिकित्सा अकादमी के अध्यक्ष डॉक्टर लैंडीप गुरेलिया ने 10 नवंबर को बताया कि नई दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण के कारण हर साल लगभग 25 हजार से 30 हजार लोग मरते हैं।

गुरेलिया ने मीडिया को बताया कि वायु प्रदूषण एक मौन हत्यारा है। प्रत्यक्ष रूप से वह लोग नहीं मरते लेकिन उससे श्वास संबंधी बीमारी, दिल की बीमारी और लकवे जैसी बीमारी पैदा हो सकती है या उन बीमीरियों को गंभीर बनाया जा सकता है, जिससे मौत हो सकती है।

उन्होंने बताया कि भारतीय चिकित्सा अकादमी के अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक गंभीर स्मॉग के 48 से 72 घंटे के बाद अस्पताल में श्वास से जुड़ी बीमारी और दिल बीमारी से पीड़ित लोगों की संख्या 20 प्रतिशत बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि हर वर्ष सर्दी में दिल्ली के स्मॉग की स्थिति बहुत गंभीर बनी रहती है। लंबे समय से ऐसे वातावरण में रहने से कार्डियोवेस्क्युलर बीमारी और श्वास बीमारी से ग्रस्त होने की बड़ी संभावना है, खासकर वृद्धों और बच्चों पर बड़ा बुरा असर पड़ता है

ध्यान रहे 7 नवंबर की रात से दिल्ली में लगातार स्मॉग छाया है। (वेइतुङ)

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