कृषि क्षेत्र जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए करे उपाय

2017-11-16 11:33:03

संयुक्त राष्ट्र खाद्यन व कृषि संगठन ने हाल में विज्ञप्ति जारी कर कहा कि यदि वैश्विक दायरे में सतत और मौसम स्मार्ट तरीकों से अनाज उत्पादन, परिवहन, प्रोसेसिंग और खर्चा नहीं किया जाता तो भविष्य में कृषि विभाग की निकासी बढ़ेगी, जिससे जलवायु परिवर्तन की समस्या और बढ़ेगी।

विज्ञप्ति ने इस संगठन के महानिदेशक जोश ग्राजिआनो दा सिल्वा के हवाले से कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन से कई लाख लोग खाद्यान्न असुरक्षा, कुपोषण और गरीबी के दलदल में फंसे हैं। हमें इस कड़वी सच्चाई का सामना करना होता है। जबकि आज इस भारी धमकी का निपटारा करने में हमने पर्याप्त काम नहीं किया है।

दा सिल्वा का मानना है कि कृषि न सिर्फ जलवायु परिवर्तन की शिकार है, बल्कि जलवायु परिवर्तन का मुख्य तत्व भी है। विश्व में ग्रीन हाउस गैसों की निकासी में कम से कम 20 प्रतिशत कृषि क्षेत्र से आयी है। यह इस बात का द्योतक है कि हमें पारिस्थितिकी कृषि और सतत मौसम स्मार्ट कृषि आदि तरीकों से निकासी को कम करने के कदम उठाने चाहिए।

गौरतलब है कि 2050 तक जलवायु परिवर्तन से भूख व कुपोषण का जोखिम संभवतः 20 प्रतिशत बढ़ जाएगा।

(श्याओयांग)

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