विश्व में युवाओं की रोज़गार स्थिति आशावान नहीं

2017-11-21 15:35:02

20 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय श्रमिक संगठन ने जेनेवा में वर्ष 2017 विश्व युवा रोज़गार रुझान रिपोर्ट जारी की। इसमें कहा गया है कि वर्ष 2009 वित्तीय संकट के समय की तुलना में विश्व भर में युवाओं की रोज़गार स्थिति में सुधार आया है, लेकिन गुणवत्ता रोज़गारी के मौकों का अभाव बना हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक संगठन के रोज़गार नीति विभाग के निदेशक अज़िता बेरार अवार ने उस दिन हुई प्रेस वार्ता में बताया कि वर्ष 2017 में विश्व में 7 करोड़ 9 लाख युवा बेरोज़गार हैं, जो युवाओं की कुल संख्या का 13.1 प्रतिशत है। वर्ष 2018 की स्थिति आशावान नहीं होगी।

अवार ने बताया कि युवाओं की रोज़गार गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। वर्ष 2017 में विकासशील देशों में लगभग 16 करोड़ युवा श्रमिक यानी 39 प्रतिशत युवा श्रमिक गरीबी में फंसे हुए हैं। उनके पास काम तो है और वो मेहनत से काम भी कर रहे हैं, लेकिन उनका जीवन अब भी गरीबी से घिरा हुआ है।

इस रिपोर्ट से यह भी ज़ाहिर है कि शिक्षा का रोज़गार से सीधा संबंध है। इसके अलावा वर्तमान समाज में उच्च और निम्म कार्य क्षमता वाले श्रमिकों की मांग ज्यादा है, जबकि मध्यम स्तरीय कार्य क्षमता वाले श्रमिकों की मांग कम हो रही है।

इस रिपोर्ट में बल दिया गया है कि युवाओं की रोज़गार दर उन्नत करने के साथ गुणवत्ता रोज़गार पर ध्यान दिया जाना चाहिए। (वेइतुङ)

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