चीन-भारत संबंध : आत्मविश्वास का महत्व

2017-12-06 16:43:01

19वीं सीपीसी कांग्रेस में सांस्कृतिक आत्मविश्वास का उल्लेख किया गया। आइये सुनिये इस मुद्दे पर चाइना रेडियो इंटरनेशनल के टिप्पणीकार की समीक्षा।

सपना – यह चाइना रेडियो इंटरनेशनल है। सभी श्रोताओं को सपना की नमस्ते।

हू – और सभी श्रोता दोस्तों को हूमिन का भी नमस्कार।

सपना – हू साहब, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 19वीं राष्ट्रीय कांग्रेस में महासचिव शी चिनफिंग ने अपनी रिपोर्ट में यह प्रस्तुत किया कि हमें चार आत्मविश्वास के विचारों पर डटे रहना चाहिये यानी समाजवादी मार्ग, विचारधारा, राजनीतिक व्यवस्था और संस्कृति का आत्मविश्वास। उन्होंने बल देकर कहा कि सांस्कृतिक आत्मविश्वास का अधिक बुनियादी, विस्तृत और गहन रूप वाला महत्व है। मुझे याद है कि पहले जो सुनाया गया है वह समाजवादी मार्ग, विचारधारा और राजनीतिक व्यवस्था का आत्मविश्वास है, क्या यह पहली बार है कि पार्टी के नेता ने सांस्कृतिक आत्मविश्वास भी पेश किया है ?

हू – जी, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस में इसका उल्लेख किया गया है कि हमें चीनी विशेषता वाले मार्ग, चीनी विशेषता वाली विचारधारा और चीनी विशेषता वाली समाजवादी व्यवस्था के आत्मविश्वास पर डटे रहना चाहिये। इससे यह ज़ाहिर है कि कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में चीनी जनता अपने देश की राजनीतिक व्यवस्था, विचारधारा और मार्ग के प्रति काफी आश्वस्त है। वर्ष 2016 में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव शी चिनफिंग ने पार्टी की 95वीं जयंती पर यह पेश किया कि इन तीनों आत्मविश्वास के अलावा हमें सांस्कृतिक आत्मविश्वास भी बनाए रखना चाहिये। मेरा विचार है कि सांस्कृतिक आत्मविश्वास इन तीनों मुद्दों से अधिक अर्थवान है। क्योंकि ये तीन मुद्दे यानी समाजवादी मार्ग, विचारधारा, राजनीतिक व्यवस्था के बारे में जो आत्मविश्वास है, वे सब राजनीतिक हैं । संस्कृति के प्रति जो आत्मविश्वास है, वह और अधिक महत्वपूर्ण है, विशेषकर चीन और भारत जैसे देशों के लिए।

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