चीन-भारत संबंध:साझा भाग्य का समुदाय

2017-12-11 11:31:01

19वीं सीपीसी कांग्रेस की रिपोर्ट में मानव के साझा भाग्य समुदाय का उल्लेख किया गया है। आइये सुनते हैं इसे लेकर चाइना रेडियो इंटरनेशनल के टिप्पणीकार ने क्या विचार किया है।

सपना – यह चाइना रेडियो इंटरनेशनल है। सभी श्रोताओं को सपना की नमस्ते।

हू – और सभी श्रोता दोस्तों को हूमिन का भी नमस्कार।

सपना – हू साहब, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 19वीं राष्ट्रीय कांग्रेस में महासचिव शी चिनफिंग ने अपनी रिपोर्ट में यह प्रस्तुत किया कि चीन शांतिपूर्ण विकास के रास्ते पर डटा रहेगा और मानव के साझा भाग्य समुदाय के निर्माण को बढ़ाएगा। “साझे भाग्य का समुदाय” इस नारे का बहुत विचारपूर्ण और दूरगामी महत्व है, क्या आप इसका हमारे श्रोताओं को कुछ स्पष्टीकरण दे सकते हैं ?

हू – जी, थैंक यू। पार्टी के नेता बनने के बाद महासचिव शी चिनफिंग ने अनेक महत्वपूर्ण राजनयिक विचार प्रस्तुत किये हैं जो विश्व में लोगों का व्यापक ध्यान आकर्षित हैं। साझा भाग्य समुदाय या दूसरे शब्दों में समान भाग्य समुदाय का विचार उन में से एक है। मुझे याद है कि पार्टी की 18वीं कांग्रेस की रिपोर्ट ने समान भाग्य समुदाय का विचार भी प्रस्तुत किया था, यानी कि मानव एक ही वैश्विक गांव में रहता है। महासचिव शी चिनफिंग ने वर्ष 2013 के मार्च में रूस की यात्रा के दौरान पहली बार समान भाग्य समुदाय की अवधारणा प्रस्तुत की और इसके बाद उन्हों ने कई बार इस अवधारणा का उल्लेख किया है।

सपना – जी, मुझे भी याद है कि वर्ष 2016 के सितंबर में चीन के हांग्जो शहर में आयोजित जी 20 के 11वें शिखर सम्मेलन में शी चिनफिंग ने व्याख्यान देते हुए कहा कि हमें मानव के समान भाग्य समुदाय का विचार कायम करना चाहिये और सभी देशों के लोगों को उचित तरीके से विश्व आर्थिक विकास का लाभ देना चाहिये । इस समिट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उपस्थित हुए थे। मैं ने इस शिखर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह के रेडियो के सीधे प्रसारण में भाग लिया था। मुझे उस दिन के दृश्य की स्पष्ट याद है।

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