म्यांमार सरकार से चर्चा की चीनी तिब्बती सांस्कृतिक एक्सचेंज मंडल ने

2017-12-20 19:24:01

चीनी तिब्बती सांस्कृतिक एक्सचेंज मंडल ने 19 दिसंबर को म्यांमार के जातीय मामला मंत्रालय और धार्मिक मामला-संस्कृति मंत्रालय के अधिकारियों से जातीय, धार्मिक और सांस्कृतिक मामलों पर चर्चा की।

चीनी तिब्बती सांस्कृतिक एक्सचेंज मंडल ने म्यांमार के अधिकारियों को चीन की जातीय नीति, तिब्बती धर्म और संस्कृति की स्थिति और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण जैसी बातों का परिचय दिया। चीनी तिब्बती अध्ययन केंद्र के इतिहास अनुसंधान संस्थान के प्रमुख ज्यांग यू ने कहा कि चीनी जातियों के बीच समानता, एकजुटता और सह-अस्तित्व की भावना है। वे संयुक्त विकास करते हैं। पूरे चीन की मदद और समर्थन की बदौलत ही चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र का विकास काफी तेज़ हो रहा है।

उन्होंने कहा कि चीन में धार्मिक विश्वास स्वतंत्र है। तिब्बत में अधिक मठों का इतिहास काफी लंबा है। ये मठ अपनेआप में सांस्कृतिक अवशेष हैं। साथ ही इन मठों में कीमती साहित्य संग्रहीत हैं। चीनी सरकार इन मठों और अवशेषों की रक्षा करने के लिये विशेष धन का विनियोग करती है। इसके अलावा योग्य तिब्बती बुद्ध तैयार करने के लिये तिब्बत में बुद्ध संस्थान स्थापित हैं। उम्मीद है कि सांस्कृतिक मेलजोल से चीन और म्यांमार की जनता के बीच आपसी समझ और मजबूत होगी।

म्यांमार के धार्मिक मामला-संस्कृति मंत्री थुरा आंग को ने कहा कि म्यांमार और चीन के बीच दोस्ती का इतिहास काफी लंबा है। “एक पट्टी एक मार्ग” प्रस्ताव म्यांमार के आर्थिक विकास के लिये काफी महत्वपूर्ण है। उम्मीद है कि म्यांमार और चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक आवाजाही पहले से और तेज़ होगी। इसके अलावा उन्होंने म्यांमार में सांस्कृतिक अवशेषों की बहाली और रक्षा में मदद के लिये चीन को धन्यवाद दिया।(हैया)

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