चीन-श्रीलंका समुद्री रेशम मार्ग से जुड़ी ऐतिहासिक सांस्कृतिक प्रदर्शनी उद्घाटित

2017-12-21 15:15:02

इस वर्ष चीन और श्रीलंका के बीच कूटनीतिक संबंध की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ है। इसे मनाने के लिए 20 दिसम्बर को चीन-श्रीलंका समुद्री रेशम मार्ग से जुड़ी ऐतिहासिक सांस्कृतिक प्रदर्शनी कोलंबो स्थित श्रीलंकाई राष्ट्रीय संग्रहालय में उद्घाटित हुई।

बताया जाता है कि प्रदर्शनी में 27 मूल्यवान ऐतिहासिक अवशेषों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जो फूच्यान प्रांत के छ्वानचो शहर के विदेशी यातायात संग्रहालय और शानतोंग प्रांत के छिंगचो शहर के संग्रहालय से आए हैं। प्रदर्शनी में महाभिक्षु फ़ा श्यान, चेंग ह, श्रीलंका के राजकुमार और राजकुमारी आदि लोगों की कहानी भी सुनाई जी रही है, जिन्होंने चीन और श्रीलंका के बीच धार्मिक, आर्थिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

ऐतिहासिक ग्रंथों के अनुसार ईस्वी 5वीं शताब्दी में महाभिक्षु फ़ा श्यान बौद्ध अध्ययन के लिए श्रीलंका की यात्रा की। उन्होंने चीन-श्रीलंका मित्रवत आवाजाही का इतिहास शुरु किया। 15वीं शताब्दी में चीनी नेविगेटर चेंग ह सरकारी दूत के रूप में कई बार श्रीलंका पहुंचे। इसी समय में कई श्रीलंकाई लोग भी चीन आए, जिनमें में कुछ लम्बे समय तक चीन में बस गये।

गौरतलब है कि मौजूदा प्रदर्शनी एक माह तक जारी रहेगी, जो चीनी सांस्कृतिक अवशेष ब्यूरो, चीनी सांस्कृतिक अवशेष आदान प्रदान केंद्र, श्रीलंकाई संस्कृति मंत्रालय और श्रीलंकाई राष्ट्रीय संग्रहालय का संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रही है।

(श्याओ थांग)

कैलेंडर

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी