चीन-भारत संबंध : भ्रष्टाचार का विरोध करने से देश का भाग्य तय होगा

2018-01-19 19:32:04

चीन और भारत दोनों देशों में भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान चलाए जा रहे हैं, आइये सुनते हैं कि चाइना रेडियो इंटरनेशनल के टिप्पणीकार का इस बात को लेकर क्या विचार है।

सपना – यह चाइना रेडियो इंटरनेशनल है। सभी श्रोताओं को सपना की नमस्ते।

हू – और सभी श्रोता दोस्तों को हूमिन का भी नमस्कार।

सपना – हू साहब, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव शी चिनफिंग ने पार्टी की कांग्रेस में रिपोर्ट देते हुए चीन में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के महत्व पर ज़ोर दिया। और हमें भी मालूम है कि विश्व भर में महासचिव शी चिनफिंग के द्वारा चलाये गये भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का उच्च मूल्यांकन किया जा रहा है। यहां तक भारत में मीडिया ने यह भी बताया कि महासचिव शी चिनफिंग अध्यक्ष माओ त्से तुंग के बाद चीनी कम्युनिस्ट पार्टी में सबसे ताकतवर नेता हैं जो भ्रष्टाचार के खिलाफ जबरदस्त अभियान चला रहे हैं। उधर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पद संभालने के बाद भ्रष्टाचार के विरुद्ध में बहुत से काम किये हैं। आप बताइये, चीन और भारत जैसे देशों में भ्रष्टाचार का विरोध करना कितना महत्वपूर्ण है?

हू – हां, हम बहुत खुशी से यह देख पाते हैं कि महासचिव शी और प्रधानमंत्री मोदी ने अपने अपने यहां करप्शन के खिलाफ जबरदस्त कदम उठाये हैं और अब इन दोनों देशों की नौकरशाहियों में साफ साफ माहौल दिखता नजर आ रहा है। इधर के वर्षों में चीन में भ्रष्टाचार में लिप्त सैकड़ों उच्च स्तरीय अफसरों को बर्खास्त किया गया है, जबकि बुनियादी संस्थाओं में अनुशासित तौर पर दंडित किये गये अधिकारियों की संख्या कई लाख तक जा पहुंची है। उधर भारत सरकार ने भी अपने पदाधिकारियों पर अनुशासन की बागडोर को और कसना शुरु किया है। यह सब खुशी वाली बात है, क्योंकि जनता को जो चाहिये वह साफ-सुथरा तंत्र ही है।

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