संविधान संशोधन राष्ट्रीय शासन व्यवस्था के आधुनिकीकरण का अहम कदम : एनपीसी प्रतिनिधि

2018-03-10 17:33:04

संविधान संशोधन के प्रारूप पर चर्चा करना पेइचिंग में आयोजित 13वीं एनपीसी के पहले पूर्णाधिवेशन के महत्वपूर्ण एजेंडों में से एक है। कुछ एनपीसी प्रतिनिधियों के विचार में संविधान संशोधन कानून के अनुसार देश का शासन करना, राष्ट्रीय शासन की व्यवस्था और प्रशासन की क्षमता के आधुनिकीकरण को आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण कदम है।

इस वर्ष 13वीं एनपीसी के पहले पूर्णाधिवेशन में वर्तमान संविधान की 21 धाराओं के संशोधन पर विचार विमर्श किया जाएगा। कई एनपीसी प्रतिनिधियों के विचार में यह बहुत सार्थक बात है। युन्नान प्रांत के लिनछांग शहर के मेयर चांग ज़ीचंग ने कहा कि संविधान का संशोधन चीन की विकास स्थिति के अनुसार किया जाएगा, जन प्रतिनिधि के रूप में वे इसका दृढ़ समर्थन करते हैं। उनके विचार में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का नेतृत्व चीनी विशेषता वाले समाजवाद का सार है, शी चिनफिंग की नए युग में चीनी विशेषता वाले समाजवाद की विचारधारा को संविधान संशोधन के विषय में शामिल किया जाएगा, इससे चीन में विभिन्न जातियों के बीच एकता और व्यापक शक्तियों को एकत्र करने में हितकारी है।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के चार्टर में सीपीसी केंद्रीय समिति के महासचिव, सीपीसी केंद्रीय सैन्य आयोग के अध्यक्ष और संविधान में चीनी केंद्रीय सैन्य आयोग के कार्यकाल क तय समय-सीमा निर्धारित नहीं है। इस बार संविधान संशोधन के प्रारूप में राष्ट्राध्यक्ष के कार्यकाल को लेकर कोई निर्धारण भी नहीं किया जाएगा। चीनी एनपीसी प्रतिनिधियों के विचार में यह चीन में कायम हो रही सीपीसी, चीन लोक गणराज्य और चीनी सेना की त्रिमूर्ति नेतृत्वकारी व्यवस्था के अनुकूल है।

वहीं, मानव जाति के साझे भाग्य समुदाय की स्थापना को आगे बढ़ाने को संविधान संशोधन के प्रारूप में भी शामिल किया जाएगा। चीनी एनपीसी प्रतिनिधि, रेशम मार्ग अंतरारष्ट्रीय जनरल वाणिज्य मंडल के अध्यक्ष ल्व्यु च्यानचोंग के विचार में यह चीनी और सारी दुनिया की जनता के मूल हितों से मेल खाता है, जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मान्यता मिलेगी। सीपीसी केंद्रीय समिति के महासचिव शी चिनफिंग ने “बेल्ट एंड रोड” वाली महान अवधारणा पेश की, जो विश्व के विभिन्न देशों की जनता के मूल हितों से मेल खाता है, इसने अनुमान से अधिक उपलब्धियां प्राप्त कीं। क्योंकि “बेल्ट एंड रोड” की भावना शांतिपूर्ण सहयोग, खुलेपन और समावेश, एक दूसरे से सीखने, आपसी लाभ और उभय जीत है, विभिन्न पक्षों के समान विचार विमर्श, समान निर्माण और समान उपभोग से दो-जीत, बहु-जीत और समान जीत साकार होगी। यह नए युग के अनुकूल है, न केवल चीन, बल्कि विभिन्न देशों की जनता के मूल हितों से अनुकूल है। इस तरह इसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में अधिकाधिक मान्यता प्राप्त हुई।

एनपीसी पूर्णाधिवेशन के एंजेंडे के मुताबिक करीब 3 हज़ार एनपीसी प्रतिनिधि गुप्त मतदान के माध्यम से संविधान संशोधन के प्रारूप को निश्चित करेंगे, 2 तिहाई मतों की प्राप्ति के बाद यह प्रारूप पारित होगा।

(श्याओ थांग)

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